Raipur Police Commissioner System: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली (Police Commissioner System) औपचारिक रूप से लागू हो गई है। इसके साथ ही अब रायपुर में पारंपरिक एसपी सिस्टम की जगह आयुक्त प्रणाली के तहत पुलिसिंग होगी।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया है। शुक्रवार को उन्होंने औपचारिक रूप से पदभार भी ग्रहण कर लिया।
आईपीएस संजीव शुक्ला का प्रशासनिक अनुभव
2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला ने अपने करियर की शुरुआत राज्य पुलिस सेवा से की थी। बाद में वे भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुए।
उनके लंबे प्रशासनिक और फील्ड अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें रायपुर की कानून-व्यवस्था की कमान सौंपी है।
स्वतंत्रता दिवस पर हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर में Police Commissioner System लागू करने की घोषणा की थी।
इसके बाद शासन स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और अब यह व्यवस्था जमीन पर लागू हो गई है।
रायपुर को दो पुलिस जिलों में किया गया पुनर्गठन
नई व्यवस्था के तहत रायपुर जिले को—
- रायपुर शहरी पुलिस जिला
- रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला
में पुनर्गठित किया गया है।
रायपुर शहरी क्षेत्र की संपूर्ण पुलिसिंग अब पुलिस आयुक्त, रायपुर शहरी के अधीन होगी, जो आईजीपी रैंक के अधिकारी होंगे।
रायपुर शहरी में शामिल 21 पुलिस थाने
रायपुर शहरी पुलिस जिले में कुल 21 पुलिस थाने शामिल किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से—
सिविल लाइंस, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मौदहापारा, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, अमानाका, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, मुजगहन, टिकरापारा, उरला (नगर निगम सीमा के भीतर), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खम्हारडीह शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और डीसीपी की नियुक्ति
आयुक्त प्रणाली के तहत—
- अमित तुकाराम कांबले (डीआईजी, कांकेर) को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर शहरी नियुक्त किया गया है।
- उमेश प्रसाद गुप्ता को डीसीपी (सेंट्रल)
- संदीप पटेल को डीसीपी (पश्चिम)
- मयंक गुर्जर को डीसीपी (उत्तर)
- विकास कुमार को डीसीपी (यातायात एवं प्रोटोकॉल) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कानून-व्यवस्था में तेजी और सख्ती की उम्मीद
Raipur Police Commissioner System लागू होने से शहर में कानून-व्यवस्था से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से—
- अपराध नियंत्रण में सुधार
- त्वरित प्रशासनिक निर्णय
- शहरी पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने
में मदद मिलेगी।
नए दौर की पुलिसिंग की शुरुआत
रायपुर में आयुक्त प्रणाली लागू होना शहर के लिए एक नई पुलिसिंग संस्कृति की शुरुआत माना जा रहा है। आम नागरिकों को अब अधिक जवाबदेह, त्वरित और मजबूत कानून व्यवस्था की उम्मीद है।
