कर्तव्य पथ की फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 से पूर्व कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी विशिष्ट और मनमोहक प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। दर्शकों और अतिथियों के बीच यह झांकी चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।


जनजातीय जीवनशैली और विरासत की जीवंत झलक

छत्तीसगढ़ की झांकी में राज्य के जनजातीय समाज की जीवनशैली, उनकी पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत को अत्यंत सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। रंग-बिरंगे परिधान, पारंपरिक वाद्य यंत्र और नृत्य मुद्राओं ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा को कर्तव्य पथ पर जीवंत कर दिया।


देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित झांकी

इस वर्ष Chhattisgarh Tableau Republic Day 2026 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनूठी थीम रही। झांकी को देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की अवधारणा पर आधारित किया गया है।

इसमें यह दर्शाया गया कि किस तरह छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध आदिवासी परंपराओं को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और सुलभ बना रहा है।


परंपरा और तकनीक का सुंदर समन्वय

झांकी में डिजिटल माध्यमों के प्रतीकों के जरिए यह संदेश दिया गया कि जनजातीय संस्कृति केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा भी है। परंपरा और तकनीक का यह संतुलन दर्शकों को गहराई से प्रभावित करता नजर आया।


राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान

कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की यह प्रस्तुति न केवल राज्य की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि आदिवासी समाज भारत की आत्मा का अभिन्न हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह झांकी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी।

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