मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में 10 हजार करोड़ की सिंचाई योजनाओं पर दिए सख्त निर्देश

Chhattisgarh Irrigation Projects: छत्तीसगढ़ के किसानों के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में सरकार ने एक और ठोस कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय स्थित महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली।
इस बैठक में न केवल वर्तमान परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई, बल्कि आने वाले वर्षों में किसानों को पानी की मजबूत सुविधा देने की स्पष्ट कार्ययोजना भी सामने आई।


🌾 किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े और दूरगामी निर्णय ले रही है।
उन्होंने दोहराया कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सबसे अहम कड़ी है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—

  • सिंचाई परियोजनाओं में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी
  • निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा
  • लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

🚜 अटल सिंचाई योजना में शामिल लंबित परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को अटल सिंचाई योजना में शामिल किया गया है और इन्हें समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और बढ़ते खेती क्षेत्र को देखते हुए सिंचाई ढांचे का मजबूत होना अनिवार्य है।


💰 बजट की कोई कमी नहीं, पृथक प्रावधान

मुख्यमंत्री श्री साय ने साफ किया कि—

  • सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं है
  • इसके लिए पृथक बजटीय प्रावधान किया गया है

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सिंचित रकबा बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


🏗️ 10 हजार करोड़ की 14 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं

अधिकारियों ने जानकारी दी कि—

  • आगामी तीन वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की लागत से
  • 14 सिंचाई परियोजनाएं चरणबद्ध रूप से पूरी की जाएंगी
  • इससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी

प्रमुख परियोजनाएं:

  • देउरगांव बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना (बस्तर)
  • मटनार बैराज सह उद्वहन सिंचाई परियोजना
  • मोहमेला–सिरपुर बैराज योजना (महानदी, आरंग – रायपुर)
  • सिकासार–कोडार जलाशय लिंक परियोजना (गरियाबंद)

इनमें से चार प्रमुख परियोजनाओं का मार्च–मई में भूमिपूजन प्रस्तावित है, जिनकी लागत 4,800 करोड़ रुपये से अधिक है।


🌊 अटल सिंचाई योजना: 115 परियोजनाएं, 346 करोड़ का बजट

अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत—

  • 115 लंबित परियोजनाओं के लिए
  • 346 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया है

इनसे लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित होगी।


🤝 अंतरराज्यीय जल विवादों पर भी मंथन

बैठक में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध के डुबान क्षेत्र और समक्का बैराज से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई।
आगामी तीन वर्षों में इन विवादों के स्थायी समाधान के लिए ठोस प्रयास करने पर सहमति बनी।


👥 बैठक में मौजूद अधिकारी

इस अवसर पर—

  • प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह
  • मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल
  • जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो
  • विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी

उपस्थित रहे।


Chhattisgarh Irrigation Projects को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह समीक्षा बैठक साफ संकेत देती है कि राज्य सरकार किसानों के भविष्य को लेकर गंभीर, प्रतिबद्ध और सक्रिय है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के कृषि परिदृश्य में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है।