रायपुर, 22 जनवरी।
Jagargunda News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में बदलाव की एक मजबूत मिसाल सामने आई है। सुकमा जिले के जगरगुंडा में वर्षों बाद फिर से बैंकिंग सेवाएं शुरू हो गई हैं। कभी नक्सली हिंसा के कारण बैंक से वंचित रहा यह इलाका अब आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि जगरगुंडा में बैंक की पुनः स्थापना हो चुकी है और अब तक करीब 600 लोगों ने अपने बैंक खाते खुलवा लिए हैं।
🏦 60-70 किलोमीटर की दूरी अब इतिहास बनी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एएनआई से बातचीत में कहा—
“जगरगुंडा कभी अपने इमली बाजार के लिए प्रसिद्ध था। नक्सलियों ने यहां बैंक को उड़ा दिया था। अब बैंक फिर से खुल गया है। पहले लोगों को बैंकिंग के लिए 60-70 किलोमीटर दूर बीजापुर, सुकमा या दंतेवाड़ा जाना पड़ता था, लेकिन अब यह सुविधा गांव में ही उपलब्ध है।”
इस बदलाव से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में मिलने लगा है।
👨💼 600 से ज्यादा खाते, जनधन योजना को बढ़ावा
बैंक के सहायक प्रबंधक शंकर मुंडारी ने बताया कि—
- जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खोली गई है
- 50 किलोमीटर के दायरे में कोई अन्य बैंक नहीं है
- अब तक 600 से अधिक खाते खोले जा चुके हैं
- जनधन खाते निःशुल्क खोले जा रहे हैं
- अंदरूनी गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं
- छात्रों और अभिभावकों दोनों के खाते खोले जा रहे हैं
उन्होंने कहा कि इस पहल में सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
🧑🌾 “कभी डर था, अब भरोसा है” – ग्रामीणों की कहानी
जगरगुंडा की सरपंच नित्या कोसमा ने बताया कि—
“दो दशक पहले यहां नक्सलियों का सबसे ज्यादा प्रभाव था। न शिक्षा थी, न अस्पताल, न राशन दुकान। 2002 में नक्सलियों ने बैंक लूट लिया था। आज वही जगरगुंडा फिर से खड़ा हो रहा है।”
स्थानीय निवासी रोशनी कश्यप कहती हैं—
“पहले बहुत दिक्कतें थीं। बैंक के लिए 60-70 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता था। अब गांव में बैंक खुलने से लोगों को बहुत राहत मिली है।”
🌱 इमली बाजार से आर्थिक पुनरुत्थान की उम्मीद
कभी एशिया के प्रसिद्ध इमली बाजार के रूप में पहचान रखने वाला जगरगुंडा नक्सल हिंसा के कारण पिछड़ गया था।
अब बैंकिंग सुविधा की बहाली से—
✔️ व्यापार
✔️ कृषि
✔️ शिक्षा
✔️ स्वास्थ्य सेवाएं
✔️ रोजगार
को नई गति मिलने की उम्मीद है।
🚔 सुरक्षा और विकास साथ-साथ: आईजी सुंदरराज पी
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने कहा—
“नक्सल उन्मूलन के साथ-साथ विकास कार्य हमारी प्राथमिकता है। जगरगुंडा और अंदरूनी इलाकों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना इसी का हिस्सा है।”
उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को रोजगार और आर्थिक विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे।
Chhattisgarh Jagargunda Bank News केवल एक बैंक शाखा खुलने की खबर नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव का प्रतीक है, जहां डर और हिंसा की जगह अब भरोसा, विकास और भविष्य ने ले ली है। जगरगुंडा आज छत्तीसगढ़ के बदलते बस्तर की सशक्त तस्वीर बन रहा है।
