दुर्ग, 21 जनवरी 2026
MSP Paddy Procurement Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि हजारों छोटे किसानों के जीवन में उम्मीद और आत्मविश्वास की नई कहानी लिख रही है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है पुलगांव निवासी छोटे किसान श्री देवनारायण की।
🌾 आधा एकड़ में 15 क्विंटल धान, मेहनत बनी पहचान
श्री देवनारायण के पास मात्र पौन एकड़ भूमि है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मोटा धान लगाकर 15 क्विंटल धान का उत्पादन किया।
पति-पत्नी दोनों रोज़ मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और छोटी-छोटी बचत से घर की ज़रूरतें पूरी करते हैं।
इसी क्रम में वे अपने धान के बोरे लेकर उपार्जन केंद्र कोलिहापुरी पहुंचे, जहां उनकी पूरी उपज समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी गई।
💳 पारदर्शी व्यवस्था, सीधा बैंक खाते में भुगतान
MSP Paddy Procurement Chhattisgarh के अंतर्गत धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही।
धान की तौल से लेकर भुगतान तक, हर चरण स्पष्ट और भरोसेमंद था। सबसे बड़ी राहत यह रही कि भुगतान सीधे श्री देवनारायण के बैंक खाते में सुनिश्चित किया गया।
इस व्यवस्था ने न केवल समय की बचत की, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त कर दी।
👧 बेटियों की शिक्षा के लिए बनेगी मजबूत नींव
श्री देवनारायण की दो बेटियाँ हैं, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि धान विक्रय से मिली राशि का उपयोग वे:
- बेटियों की शिक्षा में करेंगे
- शेष राशि को सेविंग अकाउंट में जमा करेंगे
यह बचत भविष्य में बेटियों के विवाह और सुरक्षा के लिए सहायक होगी।
🏢 उपार्जन केंद्रों से किसानों को राहत
श्री देवनारायण ने बताया कि उपार्जन केंद्र में
- सभी प्रकार के धानों का उठाव किया जा रहा है
- किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही
- समय पर तौल और भुगतान मिल रहा है
यह व्यवस्था किसानों के मन से असमंजस और भय दोनों को दूर कर रही है।
🌱 एक किसान की कहानी, एक व्यवस्था की सफलता
यह कहानी सिर्फ एक छोटे किसान परिवार की नहीं है, बल्कि MSP Paddy Procurement Chhattisgarh की उस सफलता की मिसाल है, जिसका असर आज ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है।
उपार्जन केंद्र, समर्थन मूल्य, सीधा भुगतान और किसान-हितैषी योजनाएं आज छोटे किसानों के जीवन में
सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और भविष्य की आशा भर रही हैं।
निष्कर्ष
सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीतियां सही दिशा में हों, तो छोटे किसान भी बड़े सपने देख सकते हैं।
श्री देवनारायण की कहानी उन हजारों किसानों की आवाज़ है, जिनके जीवन में आज भरोसा लौटा है।
