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15% मुनाफे का लालच देकर 30 करोड़ की ठगी, अकलतरा पुलिस ने प्रमोद वैष्णव को किया गिरफ्तार

Chhattisgarh Fraud: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है।
जांजगीर-चांपा जिले में शेयर मार्केट और रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी प्रमोद कुमार वैष्णव को अकलतरा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी खुद को बड़ा कारोबारी बताता था और हर महीने 15 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर लोगों की मेहनत की कमाई हड़प लेता था।


🔴 15% ब्याज का लालच, सैकड़ों लोग फंसे

Chhattisgarh Fraud मामले में सामने आया है कि प्रमोद वैष्णव ने कम समय में ज्यादा इन्वेस्टर्स जोड़ने के लिए 15% मासिक ब्याज का लालच दिया।
इस लालच में जांजगीर-चांपा ही नहीं, बल्कि कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जैसे आसपास के जिलों के लोग भी उसके जाल में फंसते चले गए।

शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा देकर आरोपी ने भरोसा जीता और फिर बड़ी रकम इन्वेस्ट करवाई।


🧾 भरोसा जीतने के लिए देता था ब्लैंक चेक

लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए प्रमोद वैष्णव ने गारंटी के तौर पर शपथ पत्र और HDFC बैंक का ब्लैंक चेक भी दिया।
यही वजह रही कि कई निवेशकों ने अपनी जमा-पूंजी और जीवन भर की बचत उसके हवाले कर दी।

लेकिन कुछ समय बाद प्रमोद का मोबाइल बंद आने लगा और वह घर से फरार हो गया। इसके बाद पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।


🚓 गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया

पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी प्रमोद वैष्णव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया
हालांकि इस मामले में उसका एक साथी अभी भी फरार है। पुलिस का कहना है कि सह-आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।


📈 ठगी की रकम और बढ़ने की आशंका

पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम 30 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकती है।
अधिकारी मान रहे हैं कि अभी कई पीड़ित सामने नहीं आए हैं, क्योंकि कुछ लोग अब भी पैसे वापस मिलने की उम्मीद में शिकायत करने से बच रहे हैं।


🚗 लक्जरी लाइफ जी रहा था आरोपी

पीड़ितों की गाढ़ी कमाई से आरोपी प्रमोद वैष्णव लक्जरी जीवन जी रहा था।
पुलिस ने उसके पास से दो चारपहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। इससे यह साफ होता है कि ठगी की रकम का इस्तेमाल ऐश-आराम में किया गया।


🕵️‍♂️ कई जिलों तक फैला ठगी का नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि प्रमोद वैष्णव लंबे समय से ठगी का यह खेल खेल रहा था।
उसने जांजगीर-चांपा के अलावा कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर तक अपने नेटवर्क को फैलाया और बड़ी संख्या में लोगों को शिकार बनाया।


Chhattisgarh Fraud का यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि ज्यादा मुनाफे के लालच में बिना जांच-पड़ताल निवेश करना कितना खतरनाक हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना है।