शराब घोटाले के आरोपों में घिरे रिटायर्ड IAS अमिताभ जैन बने मुख्य सूचना आयुक्त, सियासत तेज

Chhattisgarh New Chief Information Commissioner: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जिस रिटायर्ड IAS अधिकारी को लेकर कभी शराब घोटाले के आरोप लगाए गए थे, उसी अमिताभ जैन को साय सरकार ने राज्य का नया मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) नियुक्त कर दिया है।

सोमवार को लोकभवन में आयोजित समारोह में पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने दो अन्य सूचना आयुक्तों के साथ शपथ ली। शपथ ग्रहण के साथ ही यह नियुक्ति प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक बहस का विषय बन गई।


🟠 शराब घोटाले की फाइल फिर खुली

अमिताभ जैन के CIC बनने के बाद कांग्रेस को एक बार फिर यह कहने का मौका मिल गया कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला हुआ ही नहीं था
कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने कहा कि अगर अमिताभ जैन पर सच में कोई घोटाले का आरोप होता, तो साय सरकार उन्हें इतने संवेदनशील पद पर नियुक्त नहीं करती। उनके मुताबिक यह पूरा मामला पूर्व कांग्रेस सरकार और नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र था।


🟡 भाजपा नेता ने पीएमओ को लिखी थी शिकायत

यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि भाजपा सरकार बनने के बाद ही भाजपा नेता नरेश गुप्ता ने पीएमओ को पत्र लिखकर अमिताभ जैन की भूमिका की जांच की मांग की थी।

शिकायत में कहा गया था कि वर्ष 2020 में भूपेश बघेल सरकार के दौरान अमिताभ जैन मुख्य सचिव बने और उसी समय शराब घोटाला सामने आया। पत्र में यह भी उल्लेख था कि CGSMCL के अध्यक्ष के तौर पर उनकी जानकारी के बिना ऐसा घोटाला संभव नहीं था।


🔴 नियुक्ति पर उठे कानूनी सवाल

अमिताभ जैन की नियुक्ति को लेकर केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि कानूनी आपत्तियां भी सामने आई हैं।
RTI एक्टिविस्ट राकेश चौबे ने इस नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताया। उनका आरोप है कि जब अमिताभ जैन मुख्य सचिव थे, उसी दौरान CIC पद के लिए उनका साक्षात्कार हुआ, और इंटरव्यू लेने वाला अधिकारी उनसे कनिष्ठ था, जो नियमों के खिलाफ है।


🔵 भाजपा ने कांग्रेस के आरोप किए खारिज

भाजपा ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। भाजपा नेता राजीव चक्रवर्ती ने कहा कि नियुक्ति पूरी तरह नियमों के तहत की गई है और कांग्रेस का काम ही सवाल उठाना है।
भाजपा का दावा है कि अमिताभ जैन का प्रशासनिक अनुभव इस पद के लिए उपयुक्त है और विपक्ष बेवजह इसे राजनीतिक रंग दे रहा है।


⚖️ सियासत के केंद्र में CIC की कुर्सी

Chhattisgarh New Chief Information Commissioner के तौर पर अमिताभ जैन की नियुक्ति ने एक बार फिर शराब घोटाले की बहस को जिंदा कर दिया है।
अब यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़क तक गूंज सकता है। सवाल यही है कि इस नियुक्ति से किसे राजनीतिक फायदा होगा और किसे नुकसान—इसका जवाब वक्त देगा।


अमिताभ जैन की CIC के रूप में नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई बहस की शुरुआत है। जहां कांग्रेस इसे अपने पक्ष में इस्तेमाल कर रही है, वहीं भाजपा इसे नियमसम्मत और जायज ठहरा रही है।

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