चरणपादुका योजना फिर शुरू: 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को राहत, 2026 में पुरुषों को भी मिलेगा लाभ

रायपुर, 19 जनवरी 2026 | Chhattisgarh Tendupatta Collectors Scheme
छत्तीसगढ़ के वनांचल इलाकों में तेंदूपत्ता संग्रह कर जीवन यापन करने वाले लाखों परिवारों के लिए राज्य सरकार की योजनाएं अब सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का आधार बन रही हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को पहले ही संग्रहण लाभ का 80 प्रतिशत हिस्सा, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, दुर्घटना बीमा और वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।

इसी कड़ी में अब चरणपादुका योजना को पुनः शुरू कर सरकार ने इन मेहनतकश परिवारों के जीवन में एक और मजबूत सहारा जोड़ा है।


🌿 चरणपादुका योजना फिर शुरू, वनवासियों को मिला बड़ा तोहफा

छत्तीसगढ़ सरकार ने वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए पूर्व में बंद की गई चरणपादुका योजना को फिर से लागू किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह फैसला प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और अंत्योदय की भावना को साकार करता है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग ने इस योजना को तेज़ी और पूरी पारदर्शिता के साथ ज़मीन पर उतारा है।


👩‍🌾 12.40 लाख महिला संग्राहकों को मिला सीधा लाभ

वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 12.40 लाख तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की महिला मुखियाओं को उच्च गुणवत्ता वाली चरणपादुकाएं वितरित की गईं।
इसके लिए राज्य सरकार ने 40 करोड़ रुपये की राशि खर्च की।

जंगलों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाली महिलाओं के लिए यह योजना केवल सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आई है।


👨‍🌾 2026 में पुरुष संग्राहकों को भी मिलेगा लाभ

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के विशेष प्रयासों से सरकार ने इस योजना का विस्तार करने का निर्णय लिया है।
वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रह करने वाले पुरुष संग्राहकों को भी चरणपादुका प्रदान की जाएगी।

इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसे संग्राहक परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।


🔍 पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था, GEM पोर्टल से खरीदी

सरकार ने चरणपादुकाओं की खरीदी GEM पोर्टल के माध्यम से की है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त रही।
वितरित की जा रही चरणपादुकाएं—

  • उच्च गुणवत्ता की हैं
  • एक वर्ष की वारंटी के साथ दी जा रही हैं

यह सरकार की लाभार्थी-केन्द्रित और जवाबदेह नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।


🌾 वनांचल में बढ़ा भरोसा और आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के इस फैसले से वन क्षेत्रों में खुशी और उत्साह का माहौल है।
तेंदूपत्ता संग्राहकों का कहना है कि यह योजना न केवल पैरों की सुरक्षा करती है, बल्कि उन्हें सम्मान और आत्मविश्वास भी देती है।


चरणपादुका योजना आज केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि वनवासियों के लिए सुशासन, सुरक्षा और संवेदनशील शासन का प्रतीक बन चुकी है।
यह पहल साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही नीति से समाज के सबसे दूरस्थ वर्ग तक भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा सकती है।

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