Chhattisgarh Jharkhand Bus Accident: छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के ओरसा बंग्लाडारा घाटी में रविवार सुबह एक भयानक बस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई और 80 से अधिक यात्री घायल हो गए। यह हादसा महुदानर पुलिस क्षेत्र में हुआ और स्थानीय समुदाय में भारी शोक और चिंता फैल गई।
💔 हादसे का मंजर
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में कुल 87 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश लोग लोध गांव में होने वाले प्री-मैरेज समारोह में जा रहे थे। चालक विकास पाठक ने बताया कि तेज ढलान और तीखे मोड़ पर वाहन पर नियंत्रण खो गया। बस गार्ड रेल से टकराई, पेड़ से भिड़ी और लगभग 20 फीट गहरी खाई में गिर गई, जिससे कई लोग बस में फंस गए।
घायलों को तुरंत महुदानर कम्युनिटी हॉस्पिटल और कार्मेल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि 30 से अधिक लोग गंभीर स्थिति में हैं और उन्हें रांची रेफर किया गया।
🛡️ मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और अपने X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर लिखा:
“छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के पास हुए यह दुखद हादसा अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भगवान मृतकों की आत्मा को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ दें।”
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू करने और गंभीर रूप से घायल लोगों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
⚠️ हादसे की वजह
अधिकारियों ने बताया कि बस में अति लोडिंग थी और चालक ने तीखे मोड़ पर वाहन नियंत्रण खो दिया। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यांत्रिक खराबी या चालक की लापरवाही हादसे का कारण बनी।

🚑 राहत और बचाव कार्य
स्थानीय निवासी और पुलिस बलों ने बस के मलबे से यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों का तत्काल उपचार किया गया और गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए रांची रेफर किया गया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिजनों को सहायता और सभी चिकित्सा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
⚡ सड़क सुरक्षा और चेतावनी
यह हादसा पहाड़ी इलाकों में अधिक यात्री लेने वाली बसों और लापरवाह ड्राइविंग की गंभीरता को उजागर करता है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं, ओवरलोडिंग से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे दुखद हादसों से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षित सड़क यात्रा और नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। Chhattisgarh Jharkhand Bus Accident ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अति लोडिंग, लापरवाही और सावधानीहीन ड्राइविंग कितना घातक हो सकता है।
