Karma Mahotsav Chhattisgarh की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का सजीव प्रतीक है। ऐसे आयोजन न केवल लोक पर्वों को सहेजते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले के चुनगुड़ी में आयोजित भव्य कर्मा महोत्सव के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मा पर्व आपसी भाईचारे, सामूहिक आनंद और प्रकृति के प्रति सम्मान का उत्सव है, जो छत्तीसगढ़ की आत्मा को जीवंत बनाए रखता है।
🔹 172.51 करोड़ के विकास कार्यों की बड़ी घोषणा
कर्मा महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री श्री साय ने 172.51 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देकर क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत दी।
उन्होंने—
- चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने
- तथा नगर पंचायत भटगांव के विकास हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
🔹 मांदर की थाप पर थिरका कर्मा महोत्सव
परंपरा, उल्लास और संस्कृति से सराबोर इस महोत्सव में मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा क्षेत्र कर्मा नृत्य की लय में डूब गया।
सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़ जिलों से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को लोकसंस्कृति के रंगों से भर दिया।
🔹 महिलाओं के सशक्तिकरण और जनकल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए—
- नाव-जाल और आइस बॉक्स वितरण,
- आयुष्मान कार्ड,
- छत्तीसगढ़ महिला कोष से ऋण वितरण,
- महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित 6 रेडी-टू-ईट इकाइयों का शुभारंभ किया।
इसके साथ ही उन्होंने पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को—
- मुद्रा लोन,
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम,
- तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की खुशियों की चाबी भी प्रदान की।
🔹 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल रजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मा महोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और विकास के संकल्प का संगम है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाएं यह स्पष्ट करती हैं कि राज्य सरकार संस्कृति संरक्षण के साथ समावेशी विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रही है।
