फोन कंपनियों से सोर्स कोड मांगने का कोई सरकारी आदेश नहीं, MAIT ने किया साफ

भारत में स्मार्टफोन यूज़र्स की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में बड़ी बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच India Smartphone Source Code News से जुड़ी एक अहम सच्चाई सामने आई है। स्मार्टफोन कंपनियों की शीर्ष संस्था MAIT (Mobile and Electronics Association of India) ने साफ किया है कि भारत सरकार ने फोन निर्माताओं से उनका सोर्स कोड देने का कोई आदेश नहीं दिया है

MAIT का यह बयान रॉयटर्स की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि सरकार स्मार्टफोन कंपनियों को अपने फोन का सोर्स कोड साझा करने के लिए मजबूर कर सकती है। इस रिपोर्ट से आम यूज़र्स और टेक विशेषज्ञों के बीच चिंता फैल गई थी कि इससे नागरिकों की निजता प्रभावित हो सकती है।

🔍 सरकार और उद्योग दोनों ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि रॉयटर्स ने उद्योग संगठनों की टिप्पणियों को नजरअंदाज कर खबर को सनसनीखेज बनाया। वहीं MAIT ने बताया कि 18 जून 2025 को जारी एक आधिकारिक ज्ञापन में उस भाषा को हटा दिया गया था, जिसमें सोर्स कोड साझा करने की बात कही गई थी।

अब स्मार्टफोन कंपनियों को केवल आंतरिक सुरक्षा परीक्षण रिपोर्ट और उनमें पाई गई कमजोरियों का सार सरकार को देना होता है — न कि पूरा सोर्स कोड।

🛡️ सोर्स कोड देना क्यों है इतना संवेदनशील?

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी स्मार्टफोन का सोर्स कोड उसके सिस्टम की रीढ़ होता है। इसमें फोन की हर कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और निजी डेटा को संभालने की तकनीक होती है। इसे साझा करना ऐसा ही है जैसे किसी बैंक की तिजोरी का नक्शा सौंप देना।

यही कारण है कि Apple और Samsung जैसी कंपनियां किसी भी देश को अपना सोर्स कोड देने से हमेशा इनकार करती रही हैं। चीन ने भी पहले ऐसा अनुरोध किया था, जिसे Apple ने ठुकरा दिया था।

📱 भारत की सुरक्षा बनाम उपभोक्ता भरोसा

विश्लेषकों का मानना है कि भारत सरकार का फोकस स्मार्टफोन सुरक्षा पर इसलिए बढ़ा है क्योंकि देश में करीब 80 करोड़ से ज्यादा लोग स्मार्टफोन पर निर्भर हैं। साइबर फ्रॉड, IMEI क्लोनिंग और विदेशी सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी जैसी आशंकाएं सरकार को सतर्क बना रही हैं।

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि कोई सख्त आदेश आने पर कंपनियां भारत में कारोबार करने से हिचक सकती थीं। इसलिए India Smartphone Source Code News का यह स्पष्ट होना यूज़र्स और कंपनियों दोनों के लिए राहत की खबर है।

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