छत्तीसगढ़ में मकर संक्रांति की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं जब Korba Road Accident में दो युवकों की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह भीषण हादसा बुधवार तड़के करीब 4 बजे कोरबा जिले के मदनपुर इलाके में, बांगो थाना क्षेत्र अंतर्गत मोरगा चौकी के पास हुआ।
🛣️ पुल से गिरी कार, फिर लगी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिलासपुर से तातापानी महोत्सव में शामिल होने जा रही एक कार जैसे ही मदनपुर के पास पुल पर पहुंची, चालक का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार कार पुल से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे के कुछ ही पलों में कार में आग लग गई। अंदर फंसे दोनों युवक बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें निकलने का मौका ही नहीं मिला।
🕯️ जिंदा जलकर गई दो जिंदगियां
इस दर्दनाक Korba Road Accident में जिनकी मौत हुई, उनकी पहचान:
- गोपाल चंद्र डे (42 वर्ष)
- अरुण सेन (36 वर्ष)
दोनों बिलासपुर शहर के तोरवा थाना क्षेत्र के देवरीखुर्द के निवासी थे। वे CG-10-BF-1673 नंबर की कार से विश्रामपुर में आयोजित तातापानी महोत्सव जा रहे थे।
🚓 पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही बांगो पुलिस मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद जली हुई कार से शवों को बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
⚠️ ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ बन चुका यह हाईवे
कटघोरा से पोड़ी उपरोड़ा होते हुए सरगुजा जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय से हादसों के लिए बदनाम है।
यह इलाका कई ब्लैक स्पॉट्स और खराब सड़क संरचना के कारण बेहद खतरनाक माना जाता है।
👉 केवल 2025 में ही इस हाईवे पर 43 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।
Korba Road Accident ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
त्योहार के दिन हुई इस त्रासदी ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
