बालोद के गुण्डरदेही में ₹233 करोड़ के 103 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में आज विकास का नया अध्याय लिखा गया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने Vishnu Deo Sai Development in Gunderdehi अभियान के तहत ₹233 करोड़ की लागत से 103 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

इनमें

  • ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन
  • और ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ और हर वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1-1 करोड़ देने की घोषणा कर स्थानीय लोगों के चेहरों पर उम्मीद की मुस्कान ला दी।


🏗️ विकास नहीं, भविष्य की नींव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये परियोजनाएं केवल इमारतें नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार हैं।
₹1 करोड़ की लागत से बनने वाला व्यावसायिक परिसर युवाओं को स्वरोजगार देगा, वहीं सड़क और पुल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे।

यही असली अर्थ है Vishnu Deo Sai Development in Gunderdehi का — हर हाथ को काम और हर घर को सुविधा।


🌾 कल्याणकारी योजनाओं से मजबूत होती ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि

  • महतारी वंदन योजना से महिलाएं सशक्त हो रही हैं,
  • तेंदूपत्ता संग्राहकों को सर्वोच्च समर्थन मूल्य मिल रहा है,
  • और चरण पादुका योजना से आदिवासी श्रमिकों को राहत।

साथ ही, वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है।


🕊️ बस्तर में लौटी शांति, विकास ने पकड़ी रफ्तार

प्रभावी पुनर्वास नीति से नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति लौट रही है
अब बस्तर और आसपास के क्षेत्र सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार की रोशनी से जगमगा रहे हैं — जो Vishnu Deo Sai Development in Gunderdehi की व्यापक सोच को दर्शाता है।


🇮🇳 स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवाओं को प्रेरणा

राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने रायपुर में बन रहे डिजिटल आदिवासी संग्रहालय को छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक सौगात बताया।


Vishnu Deo Sai Development in Gunderdehi केवल परियोजनाओं की सूची नहीं, बल्कि विश्वास, अवसर और समृद्धि की नई कहानी है।
गुण्डरदेही आज सिर्फ एक नगर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल का चमकता उदाहरण बन चुका है।

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