रायपुर के रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CGRERA Action in Raipur के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने लखोली रेलवे स्टेशन क्षेत्र में स्थित “ओम फार्म” नाम से अवैध प्लॉटिंग कर रहे दो भूमि स्वामियों—श्री गोवर्धन और श्री रामानुज—पर कुल ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है।
🔍 बिना RERA पंजीकरण चल रही थी बिक्री
जांच में सामने आया कि दोनों भूमि स्वामी बिना किसी वैध RERA पंजीकरण के अपने प्रोजेक्ट का विज्ञापन, प्रचार और प्लॉट बिक्री कर रहे थे।
यह सीधे तौर पर रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन है।
धारा 3 के अनुसार,
किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का RERA पंजीकरण कराए बिना उसका प्रचार, बुकिंग या विक्रय अवैध है।
यही कारण बना कि CGRERA Action in Raipur के तहत यह कड़ी कार्रवाई की गई।
⚖️ सुनवाई के बाद लगा आर्थिक दंड
CGRERA ने मामले की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और सुनवाई के बाद यह स्पष्ट किया कि दोनों व्यक्तियों ने कानून का उल्लंघन किया है।
इसके बाद प्राधिकरण ने दोनों पर ₹5 लाख का संयुक्त अर्थदंड अधिरोपित कर दिया।
📢 CGRERA की सख्त चेतावनी
प्राधिकरण ने यह भी चेताया है कि
बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय एक गंभीर कानूनी अपराध है।
भविष्य में ऐसे मामलों पर और भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
CGRERA Action in Raipur से यह साफ हो गया है कि अब अवैध प्लॉटिंग करने वालों के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।
यह कदम न केवल निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाएगा, बल्कि रियल एस्टेट बाजार को भी विश्वसनीय और पारदर्शी बनाएगा।
