Chhattisgarh Higher Education Scam: बिना टेंडर करोड़ों की खरीदी पर बड़ी कार्रवाई, 8 अधिकारी निलंबित

छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में पारदर्शिता को लेकर बड़ा भूचाल आ गया है।
Chhattisgarh Higher Education Scam के तहत सामने आया कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों ने बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी कर डाली। जैसे ही यह मामला उजागर हुआ, शासन ने बिना देर किए सख्त कदम उठा दिए।


🔍 जांच में सामने आया करोड़ों का खेल

विभागीय जांच में पाया गया कि नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए।

  • अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर ने 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग ₹1 करोड़ के 26 क्रय आदेश बिना टेंडर जारी किए।
  • शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर ने 14 अक्टूबर 2025 को ₹35 लाख के 22 आदेश जारी किए।
  • शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट (महासमुंद) ने 22 अक्टूबर 2025 को ₹1 करोड़ के 36 आदेश बिना निविदा के जारी कर दिए।

यही खुलासे इस Chhattisgarh Higher Education Scam की नींव बने।


🛑 कार्रवाई: प्राचार्य और प्रोफेसर निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई।
समिति की रिपोर्ट के बाद:

  • लोहारकोट कॉलेज, महासमुंद के प्राचार्य और क्रय समिति के सदस्य निलंबित
  • अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और
  • बोरना सनातन संस्कृत कॉलेज, नारायणपुर में
    प्राचार्य सहित 4 सहायक प्राध्यापक निलंबित

कुल मिलाकर इस Chhattisgarh Higher Education Scam में अब तक 8 अधिकारी निलंबित हो चुके हैं।


📢 सरकार का सख्त संदेश

उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने साफ कहा है कि शासकीय खरीदी नियमों से कोई समझौता नहीं होगा।
जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


Chhattisgarh Higher Education Scam ने शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि त्वरित कार्रवाई से यह भी साफ हुआ है कि सरकार अब पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में कोई ढील नहीं देने वाली।
यह कदम प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को साफ और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।

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