छत्तीसगढ़ ने Chhattisgarh APAAR ID Drive में देश के बड़े राज्यों के बीच अग्रणी स्थान हासिल कर लिया है।
7 जनवरी तक राज्य के 50,60,941 छात्रों के APAAR ID बन चुके हैं, जो कुल 57,10,207 छात्रों का 88.63 प्रतिशत है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाई पर ले जा रही है।
प्रदेश के 57,045 स्कूलों में चल रही यह प्रक्रिया छात्रों को एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
🌐 क्या है APAAR ID और क्यों है खास?
Chhattisgarh APAAR ID Drive के तहत हर छात्र को एक डिजिटल अकादमिक पहचान मिलती है, जिसमें उसकी
शैक्षणिक उपलब्धियाँ, प्रमाण पत्र और क्रेडिट सुरक्षित रूप से संग्रहित रहते हैं।
इससे न केवल पढ़ाई की निरंतरता बनी रहती है, बल्कि छात्र देशभर में कहीं भी आगे की पढ़ाई आसानी से कर सकते हैं।
🏆 इन जिलों ने दिखाया शानदार प्रदर्शन
राज्य में कई जिलों ने इस अभियान में बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
- बेमेतरा – 96.40%
- राजनांदगांव – 96.38%
- रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग और बलौदाबाजार – 93% से अधिक
सिर्फ नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा में अभी 80% से कम कवरेज है, लेकिन वहां भी Chhattisgarh APAAR ID Drive तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
📅 31 जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि 31 जनवरी तक सभी छात्रों के APAAR ID बनाए जाएं।
इसी दिशा में राज्य सरकार, शिक्षक और अधिकारी मिलकर समयबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं ताकि कोई भी छात्र पीछे न छूटे।
Chhattisgarh APAAR ID Drive सिर्फ एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मजबूत नींव है।
डिजिटल पहचान से छात्रों को देशभर में शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
