Raipur Foreign Women Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रहने का मामला सामने आया है। इस बार उज्बेकिस्तान की दो महिलाएं बिना वैध वीजा के रायपुर में पाई गईं, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
यह मामला अब केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी इसकी गंभीरता से जांच कर रहा है।
🔍 कैसे सामने आया मामला?
इस Raipur Foreign Women Case में पुलिस को सूचना मिली थी कि दो विदेशी महिलाएं रायपुर में रह रही हैं, लेकिन उनके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।
जांच में यह पुष्टि हुई कि दोनों महिलाएं उज्बेकिस्तान की नागरिक हैं और उनके वीजा या पासपोर्ट से जुड़े कागजात वैध नहीं हैं।
इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
🕵️♂️ IB और पुलिस की संयुक्त जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए IB और रायपुर पुलिस मिलकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि—
- दोनों महिलाएं भारत कैसे पहुंचीं?
- उनका असली मकसद क्या था?
- क्या कोई नेटवर्क इनके पीछे काम कर रहा है?
इसी के साथ, उज्बेकिस्तान के दूतावास से भी संपर्क कर दोनों महिलाओं की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी मांगी गई है।
🌐 छत्तीसगढ़ में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया गया था, जो कई वर्षों से फर्जी पहचान के साथ रह रही थी।
इन घटनाओं से साफ है कि राज्य में अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन रही है।
🚨 राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी नजर
इस Raipur Foreign Women Case में IB की सक्रिय भूमिका इस बात की ओर इशारा करती है कि मामला केवल वीजा उल्लंघन तक सीमित नहीं हो सकता।
अधिकारियों को आशंका है कि कहीं इसके पीछे कोई अवैध नेटवर्क या सुरक्षा से जुड़ा खतरा न हो।
Raipur Foreign Women Case ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विदेशी नागरिक बिना वैध दस्तावेजों के देश में कैसे प्रवेश कर रहे हैं।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अब इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं ताकि अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
