रायपुर, 10 जनवरी 2025।
राजधानी नवा रायपुर में आयोजित Mukhyamantri Utkrishtata Puraskar 2025-26 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा कि गुड गवर्नेंस केवल फाइलों में नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में बदलाव के रूप में दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सुशासन तब सफल होता है जब अंतिम पंक्ति में खड़ा नागरिक भी सम्मान, सुविधा और समयबद्ध सेवा पाता है।
🚀 ई-प्रगति पोर्टल से होगी करोड़ों की परियोजनाओं की रियल-टाइम निगरानी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया।
अब छत्तीसगढ़ में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले सभी निर्माण कार्यों की निगरानी ऑनलाइन होगी।
इस पोर्टल के जरिए:
- बजट
- मजदूरी
- भुगतान
- एमआईएस
- कार्य प्रगति
सभी पर मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधी नजर रखी जाएगी।
🏆 5 जिले और 5 विभाग बने सुशासन के रोल मॉडल
Mukhyamantri Utkrishtata Puraskar 2025-26 के तहत 5 जिलों और 5 विभागों को नवाचार और सुशासन के लिए सम्मानित किया गया।
इन पुरस्कारों का उद्देश्य अधिकारियों को केवल काम करने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करना है।
🌍 जिला श्रेणी में इन नवाचारों ने बदली तस्वीर
दंतेवाड़ा – ब्लॉकचेन आधारित भूमि रिकॉर्ड से मिनटों में दस्तावेज
जशपुर – 7300 परियोजनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग
मोहला-मानपुर – कुपोषित बच्चों में 77% सुधार
गरियाबंद – AI आधारित हाथी ट्रैकिंग से जान बची
नारायणपुर – नक्सल ऑपरेशन में इंटेलिजेंस टूल की सफलता
इन पहलों ने यह साबित किया कि तकनीक जब सही सोच से जुड़ती है तो सुशासन ज़मीन पर उतरता है।
🏛️ विभागीय नवाचारों ने बढ़ाया जनता का भरोसा
Mukhyamantri Utkrishtata Puraskar 2025-26 में विभागों के ये मॉडल खास रहे:
- शिक्षा विभाग – विद्या समीक्षा केंद्र
- उद्योग विभाग – वन क्लिक सिंगल विंडो
- आबकारी विभाग – डिजिटल टैक्स ट्रैकिंग
- वन विभाग – FDS 2.0 कैशलेस भुगतान
- पंचायत विभाग – QR कोड पारदर्शिता
इन नवाचारों से करोड़ों का राजस्व बढ़ा और सेवाएं तेज़ हुईं।
Mukhyamantri Utkrishtata Puraskar 2025-26 ने यह साफ कर दिया कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ योजनाएं नहीं बना रहा, बल्कि परिणामों पर आधारित शासन की ओर बढ़ रहा है।
सीएम साय का यह संदेश आज हर अफसर और हर नागरिक तक पहुंच रहा है –
“सुशासन वही है जो जनता महसूस करे।”
