रायपुर में ब्रश करते समय फटी गर्दन की मुख्य नस, दुनिया का 11वां दुर्लभ मेडिकल केस; अंबेडकर अस्पताल ने बचाई जान

Raipur rare medical case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसा दुर्लभ और गंभीर मेडिकल मामला सामने आया है, जिसने अनुभवी डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। शहर के एक दुकानदार की ब्रश करते समय अचानक गर्दन की मुख्य नस फट गई, जिससे उसकी हालत कुछ ही मिनटों में जानलेवा हो गई।


ब्रश करते ही बिगड़ी हालत, गर्दन सूजी और बेहोश हुआ मरीज

जानकारी के अनुसार, दुकानदार रोज़ की तरह सुबह ब्रश कर रहा था। तभी अचानक उसकी गर्दन में तेज़ सूजन आ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। परिवार वाले घबरा गए और बिना देर किए उसे डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर के इमरजेंसी विभाग लेकर पहुंचे।


सीटी एंजियोग्राफी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने सीटी एंजियोग्राफी कराई। जांच रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी स्तब्ध रह गए।
रिपोर्ट में सामने आया कि मरीज की दाहिनी कैरोटिड आर्टरी—जो सीधे दिमाग तक खून पहुंचाती है—फट चुकी थी। इसके चारों ओर खून का बड़ा गुब्बारे जैसा जमाव (स्यूडोएन्यूरिज्म) बन गया था।

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर के मेडिकल जर्नल्स में अब तक ऐसे केवल 10 मामले दर्ज हैं। इस तरह यह दुनिया का 11वां और छत्तीसगढ़ का पहला मामला बन गया है।


डॉक्टरों ने जोखिम उठाकर दी नई जिंदगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए अंबेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
यह सर्जरी बेहद जोखिम भरी थी, क्योंकि गर्दन में अत्यधिक खून जमा होने से फटी आर्टरी को पहचानना भी मुश्किल हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, ज़रा सी चूक मरीज की जान ले सकती थी।

हालांकि, समय पर निर्णय, अनुभव और टीमवर्क की बदौलत डॉक्टरों ने फटी नस को सफलतापूर्वक ठीक किया और खून का प्रवाह सामान्य किया।


समय पर इलाज ने बचाई जान

डॉक्टरों का कहना है कि यदि मरीज को कुछ मिनट भी देर से अस्पताल लाया जाता, तो उसकी जान बचाना मुश्किल हो जाता।
यह मामला न केवल रायपुर rare medical case के रूप में दर्ज हुआ है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राज्य के सरकारी अस्पताल जटिल से जटिल सर्जरी करने में सक्षम हैं।

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