Bijapur Maoist IED blast: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली हिंसा का एक और दर्दनाक चेहरा सामने आया है। प्रेशर IED विस्फोट में 15 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सोमवार, 5 जनवरी 2026 की सुबह की बताई जा रही है।
गंगलूर थाना क्षेत्र में हुआ धमाका
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा गंगलूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लेंद्र-कोरचोली जंगल में हुआ। घायल किशोर राम पोतम, कोरचोली गांव का निवासी है। वह सुबह जंगल गया था, तभी अनजाने में उसका पैर नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया।
पैरों में आई गंभीर चोट
विस्फोट में राम पोतम के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। धमाके की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर सुरक्षा बल तत्काल सक्रिय हुए।
CRPF कैंप में प्राथमिक उपचार
घायल किशोर को तुरंत CRPF की 222वीं बटालियन के कैंप ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत को देखते हुए बाद में उसे बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी IED लगाए गए हैं या नहीं। पुलिस को आशंका है कि नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के इरादे से यह विस्फोटक बिछाया था।
IED से पहले भी हो चुके हैं बड़े नुकसान
पुलिस के अनुसार, नक्सली अक्सर कच्चे रास्तों और जंगलों में प्रेशर IED लगाते हैं। दुर्भाग्य से, इनका शिकार कई बार निर्दोष ग्रामीण भी हो जाते हैं।
पिछले वर्ष ही बस्तर संभाग के सात जिलों—जिसमें बीजापुर भी शामिल है—में IED ब्लास्ट सहित नक्सली हिंसा में 46 लोगों की मौत हुई थी।
ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। जंगलों पर निर्भर आदिवासी समुदाय आज भी इस हिंसा की सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है।
