दंतेवाड़ा के पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती और पर्यटन से जोड़ेगी राज्य सरकार

दंतेवाड़ा:
Chhattisgarh Tourism: छत्तीसगढ़ सरकार ने समाज की मुख्यधारा में लौट चुके युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।
दंतेवाड़ा जिले के 134 पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती और स्थानीय पर्यटन से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया।

यह पहल राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत Chhattisgarh Tourism को ग्रामीण आजीविका और सतत विकास का मजबूत आधार बनाया जा रहा है।


🌱 जैविक खेती से आत्मनिर्भरता की सीख

इस शैक्षणिक भ्रमण का संचालन लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी द्वारा किया गया।
युवाओं को कृषि स्थलों पर ले जाकर विशेषज्ञों ने आधुनिक जैविक खेती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

यहां उन्हें बताया गया कि

  • रासायनिक खाद के बिना उपज कैसे बढ़ाई जा सकती है
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण क्यों जरूरी है
  • जैविक उत्पादों की मार्केटिंग से आय कैसे बढ़ाई जा सकती है

इस प्रशिक्षण ने युवाओं को सतत कृषि व्यवसाय की वास्तविक समझ दी।


🌿 खेती के साथ पर्यटन का नया मॉडल

हालांकि भ्रमण का केंद्र खेती था, लेकिन इसमें पर्यटन आधारित विकास की संभावनाओं को भी प्रमुखता से दिखाया गया।
सरकार जैविक खेती और इको-टूरिज्म को जोड़कर एक ऐसा मॉडल विकसित कर रही है, जिससे

  • ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़े
  • स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिले
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो

यह मॉडल Chhattisgarh Tourism को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


🏕️ पर्यटन से सामाजिक समावेशन

युवाओं को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कराया गया।
अधिकारियों ने उन्हें

  • होम-स्टे
  • टूरिस्ट गाइड
  • हस्तशिल्प
  • स्थानीय उत्पादों की बिक्री

जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया।

इसका उद्देश्य युवाओं को यह समझाना था कि स्थानीय संस्कृति और परंपराएं भी आय का साधन बन सकती हैं


📈 आर्थिक विविधीकरण की रणनीति

यह पहल ऐसे समय में हुई है जब छत्तीसगढ़ अपनी अर्थव्यवस्था को खनन और उद्योग से आगे बढ़ाकर पर्यटन और कृषि की ओर विविधीकृत कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि

  • इको-टूरिज्म
  • सांस्कृतिक पर्यटन
  • समुदाय आधारित पर्यटन

छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकते हैं।


🧑‍🌾 युवाओं की मांग: और प्रशिक्षण चाहिए

भ्रमण में शामिल युवाओं ने जैविक खेती और पर्यटन में और गहन प्रशिक्षण की मांग की है।
उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

यह रुचि बताती है कि राज्य की यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की नींव है।


Chhattisgarh Tourism को जैविक खेती और युवा सशक्तिकरण से जोड़ने की यह पहल

  • पुनर्वासित युवाओं को सम्मानजनक जीवन देती है
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देती है
  • और राज्य को इको-टूरिज्म का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में ले जाती है

यह मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

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