NRI महिला ने ₹1.35 करोड़ म्युचुअल फंड मुनाफे पर भारत में नहीं दिया टैक्स, ITAT ने DTAA के तहत दी राहत

NRI mutual fund tax exemption नई दिल्ली — एक सिंगापुर निवासी NRI महिला ने भारत में म्युचुअल फंड बेचकर लगभग ₹1.35 करोड़ का मुनाफा कमाया, लेकिन भारत में टैक्स न देना पड़ा। यह मामला Income-Singapore Double Taxation Avoidance Agreement (DTAA) के तहत आया और Income Tax Appellate Tribunal (ITAT), मुंबई ने टैक्स विभाग के फैसले को रद्द करते हुए महिला को राहत दी है।

हालांकि इनकम टैक्स विभाग ने पहले महिला की टैक्स छूट की मांग को खारिज कर दिया था और आयकर नोटिस भी जारी किया था, मगर ITAT ने Article-13 के तहत राहत दी


📈 मामला: कैसे हुआ विवाद

महिला, जो सिंगापुर में टैक्स रेजिडेंट हैं, ने भारत में अपने डेब्ट और इक्विटी म्युचुअल फंड यूनिट्स को बेचा और short-term capital gains दर्ज किए। उसने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में भारत में टैक्स माफी का दावा किया, यह कहते हुए कि DTAA के तहत ये गेन केवल सिंगापुर में टैक्स योग्य हैं।

लेकिन टैक्स अधिकारी ने यह तर्क दिया कि म्युचुअल फंड इक्विटी के रूप में भारतीय परिसंपत्तियों से जुड़ा है और इसलिए टैक्स योग्य होना चाहिए। इसी आधार पर डिमांड नोटिस भी जारी किया गया।


⚖️ ITAT का फैसला: DTAA ने किया बचाव

महिला ने अपने अपील को Income Tax Appellate Tribunal (ITAT), मुंबई में आगे बढ़ाया और तर्क दिया कि Article-13 के अनुसार म्युचुअल फंड यूनिट्स को “shares” नहीं माना जा सकता और इसलिए capital gains केवल देश में टैक्स योग्य होंगे जहाँ वह रेजिडेंट हैं

Tribunal ने Article-13 के residuary clause के आधार पर पाया कि म्युचुअल फंड यूनिट्स “shares” नहीं हैं और इसीलिए ये Article-13(5) के अंतर्गत आते हैं। इससे यह स्पष्ट हुआ कि गैन केवल सिंगापुर में टैक्स योग्य है, न कि भारत में।

Tribunal के अनुसार, DTAA की धाराएँ भारतीय कर कानून की तुलना में पहले लागू होती हैं, और जब वे करदाता के लिए अधिक लाभप्रद हों, तब उनका उपयोग किया जा सकता है।


🧾 तकनीकी पहलू: TRC और DTAA

महिला की राहत में एक महत्वपूर्ण भूमिका Tax Residency Certificate (TRC) की थी। Tribunal ने यह भी दोहराया कि DTAA के तहत capital gains को केवल रेज़िडेंट देश में टैक्स योग्य माना जाता है, अगर taxpayer के पास वैध TRC हो।

यह निर्णय विशेष रूप से उन cross-border निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो भारत और ऐसे देशों के बीच निवेश करते हैं जिनके साथ DTAA मौजूद है।


🏁 निष्कर्ष: DTAA से मिली बड़ी राहत

इस मामले में NRI mutual fund tax exemption के लिए ITAT का फैसला यह दिखाता है कि DTAA का सही उपयोग और आवश्यक दस्तावेज जैसे TRC होने पर, NRI निवेशक capital gains टैक्स से बच सकते हैं। यह निर्णय भारत-Singapore DTAA की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करता है।

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