Bonded Labour Rescue News: कर्नाटक के विजयपुरा जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 बंधुआ मजदूरों को कृषि खेतों से मुक्त कराया है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन 24 दिसंबर को बाबलेश्वर तालुक के यक्कुंडी गांव में किया गया।
यह कार्रवाई उस वक्त की गई, जब प्रशासन को खेतों में बंधुआ मजदूरी कराए जाने की पुख्ता जानकारी मिली।
👮♂️ प्रशासनिक टीम ने की छापेमारी
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व विजयपुरा के सहायक आयुक्त गुरुनाथ दद्दे ने किया।
उनके साथ—
- जिला श्रम अधिकारी उमाश्री कोली
- बागलेश्वर तहसीलदार आनंद कोलार
- श्रम निरीक्षक मल्लिकार्जुन
की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और खेतों में छापा मारा।
ये खेत अप्पालाल रमजानसाब मुल्ला के बताए जा रहे हैं।
🚜 छत्तीसगढ़ से लाए गए थे मजदूर
Bonded Labour Rescue News के अनुसार, बाबलेश्वर पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में राजस्व निरीक्षक विनय विष्णु कुलकर्णी ने बताया कि सभी मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।
उन्हें दंतेवाड़ा जिले से एक श्रम ठेकेदार रामलाल मासो बरसे द्वारा विजयपुरा लाया गया था।
आरोप है कि मजदूरों को पिछले दो महीनों से मजदूरी नहीं दी गई थी, जिससे वे बंधुआ स्थिति में फंस गए।
👩⚕️ स्वास्थ्य जांच के बाद शेल्टर होम भेजा गया
रेस्क्यू के बाद सभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच कराई गई।
इनमें 6 महिलाएं और 2 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं।
इसके बाद सभी को विजयपुरा चिल्ड्रन होम में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया गया।
⚖️ कानूनी कार्रवाई शुरू
बाबलेश्वर पुलिस ने मामले में—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(3)
- बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम, 1976 की धारा 16, 17, 18 और 19
के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
🤝 पुनर्वास का भरोसा
स्पंदना संगठन, बेलगावी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. सुशीला ने बताया कि यह रेस्क्यू छत्तीसगढ़ श्रम विभाग से मिली जानकारी के आधार पर संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मुक्त कराए गए मजदूरों को—
- मुक्ति प्रमाण पत्र
- पुनर्वास सहायता
- और आजिविका बहाली में सहयोग
का भरोसा दिया है।
Bonded Labour Rescue News के तहत यह कार्रवाई एक बार फिर यह दिखाती है कि प्रशासनिक सतर्कता और राज्यों के बीच समन्वय से बंधुआ मजदूरी जैसी अमानवीय प्रथा पर प्रभावी कार्रवाई संभव है। अब नजर इस बात पर है कि पीड़ित मजदूरों को कितना जल्दी न्याय और स्थायी पुनर्वास मिल पाता है।
