ईरान में खामेनेई विरोधी प्रदर्शन हिंसक, न्यू ईयर पर भड़की आग; कम से कम 7 की मौत

Iran protests against Khamenei ने नए साल की शुरुआत के साथ हिंसक रूप ले लिया है। ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी करीब एक हफ्ते पुराने प्रदर्शनों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।

असोसिएटेड प्रेस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं, जहां सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें हुईं।


“तानाशाह मुर्दाबाद” के नारों से गूंजा तेहरान

प्रदर्शन की शुरुआत तेहरान से हुई, जहां विश्वविद्यालयों के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर
“डेथ टू द डिक्टेटर” और
“लॉन्ग लिव द शाह”
जैसे नारे लगाए।

छात्रों ने 1979 की इस्लामिक क्रांति में सत्ता से बेदखल किए गए ईरान के आखिरी शाह के बेटे रेज़ा पहलवी के समर्थन में भी नारेबाजी की।

अमेरिका में निर्वासन में रह रहे रेज़ा पहलवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—

“मैं आपके साथ हूं। जीत हमारी होगी, क्योंकि हमारा मकसद सही है और हम एकजुट हैं।”


महंगाई ने बढ़ाया आक्रोश

ईरान इन दिनों पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े जन-प्रदर्शनों का सामना कर रहा है।
प्रदर्शन की मुख्य वजह है—

  • बेकाबू महंगाई
  • मुद्रा का भारी अवमूल्यन
  • रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतें

दिसंबर में ईरान की महंगाई दर 42.5% तक पहुंच गई थी, जबकि 2025 में ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले लगभग आधी रह गई


कई शहरों में मौत, हालात बेकाबू

ईरानी मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार—

  • लोरदेगन में कई लोगों की मौत
  • कुहदश्त और इस्फहान में भी जानहानि की पुष्टि
  • मार्वदश्त, केरमानशाह, खुज़ेस्तान और हमेदान में प्रदर्शन और गिरफ्तारियां

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि झड़पों में उनके सहयोगी बसीज अर्धसैनिक बल का एक सदस्य भी मारा गया।


बसीज बल और सुरक्षा एजेंसियों पर आरोप

मानवाधिकार संगठन हेंगाव का आरोप है कि कई प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने गोली मारी, जबकि गार्ड्स ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने हालात का फायदा उठाया।

दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी संभव नहीं हो सकी है।


सरकार की दोहरी रणनीति

तेहरान प्रशासन ने एक ओर संवाद का प्रस्ताव दिया है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सरकारी प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि सरकार व्यापारियों और यूनियनों से बातचीत करेगी, हालांकि कोई ठोस रूपरेखा सामने नहीं आई है।

इस बीच, कई शहरों में बाजार बंद हैं और सरकार ने ठंड का हवाला देते हुए एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी, जिससे प्रशासनिक गतिविधियां भी ठप रहीं।