Leopard rescue Chhattisgarh Odisha border: छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा से लगे जंगलों में वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन रहे अवैध शिकार के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। कोकोड़ी गांव के पास घने जंगल में शिकारी के फंदे में फंसे एक तेंदुए को वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। बताया जा रहा है कि तेंदुआ करीब सात दिनों से फंदे में फंसा हुआ था और लगातार तड़प रहा था।
नियमित गश्त के दौरान सामने आया मामला
यह मामला उस समय सामने आया जब उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप वन मंडलाधिकारी (SDFO) गोपाल कश्यप नियमित निरीक्षण पर निकले थे। स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें सूचना दी कि जंगल के भीतर एक तेंदुआ शिकारी के लगाए फंदे में फंसा हुआ है।
सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आया और रेस्क्यू टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया।
सुरक्षित रेस्क्यू, तुरंत इलाज शुरू
काफी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने तेंदुए को फंदे से मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए के गर्दन के आसपास कई गंभीर घाव थे, जिनमें से कुछ पुराने लग रहे थे। कमजोरी के चलते वह अवैध शिकारियों का आसान निशाना बन गया था।
जंगल सफारी अस्पताल में इलाज जारी
उदंती–सीतानदी वन्यजीव अभयारण्य के डीएफओ वरुण जैन ने बताया कि रेस्क्यू के बाद तेंदुए को सुबह तड़के जंगल सफारी अस्पताल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल तेंदुए की स्थिति स्थिर है और वन विभाग उसकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए है।
अवैध शिकार पर सख्ती, दोषियों की तलाश
वन विभाग ने इस घटना के बाद अवैध शिकार के खिलाफ निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, फंदा लगाने वाले शिकारियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास भी शुरू कर दिए गए हैं।
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी फंदे, जाल या संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से कई वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है।
सीमावर्ती जंगलों में बढ़ी चुनौती
छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा के जंगल संवेदनशील माने जाते हैं, जहां मानव और वन्यजीव संघर्ष के साथ-साथ अवैध शिकार की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में यह रेस्क्यू अभियान वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
