ED raid Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना से जुड़े कथित भूमि मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को बड़ी कार्रवाई की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रायपुर और महासमुंद में कम से कम नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है।
रायपुर–विशाखापत्तनम कॉरिडोर से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला रायपुर से विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) तक बनने वाले आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। यह सड़क भारत माला परियोजना के तहत प्रस्तावित एक अहम कॉरिडोर मानी जाती है।
सूत्रों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि के निर्धारण और भुगतान में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसकी जांच अब ED कर रही है।
किन-किन लोगों के ठिकानों पर छापा?
ED की यह कार्रवाई हरमीत सिंह खनुजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और जमीन मालिकों से जुड़े परिसरों तक पहुंची है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को धन शोधन और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े अहम दस्तावेज मिलने की उम्मीद है।
क्या है भारतमाला परियोजना?
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारत माला परियोजना के तहत देशभर में करीब 26,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हैं। इनका उद्देश्य देश में सड़क मार्ग से होने वाले अधिकतर माल परिवहन को तेज, सस्ता और सुरक्षित बनाना है।
यह परियोजना गोल्डन क्वाड्रिलैटरल, उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के साथ मिलकर भारत की सड़क परिवहन रीढ़ को मजबूत करने की योजना है।
आगे क्या?
फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा रहा। इस कार्रवाई से राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है।
