Rabri Devi bungalow vacate: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आखिरकार पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार देर रात बंगले के अंदर तीन से चार पिकअप वैन देखी गईं, जिनमें गमले, पौधे और घरेलू सामान लदा हुआ था। इससे साफ हो गया कि Yadav परिवार अब इस आवास से बाहर जा रहा है।
हालांकि, अब तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) या परिवार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
❓ क्यों खाली करना पड़ रहा है राबड़ी देवी को बंगला?
Rabri Devi bungalow vacate का मामला तब शुरू हुआ, जब बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर को राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया।
यह बंगला विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के आधिकारिक आवास के रूप में चिन्हित किया गया है।
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया था कि राबड़ी देवी को 2006 से जिस 10 सर्कुलर रोड बंगले में वह रह रही हैं, उसे खाली करना होगा।
🏛️ RJD का विरोध: “राजनीतिक दुर्भावना”
इस आदेश के बाद RJD ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। पार्टी ने इसे “राजनीतिक दुर्भावना” करार देते हुए कहा था कि:
- यह बंगला किसी भी हाल में खाली नहीं किया जाएगा
- यह मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग के ठीक सामने स्थित है
- लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, दोनों बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं
RJD नेताओं का यह भी कहना था कि इस आवास की सुविधाएं लालू यादव की खराब सेहत को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
🗓️ अब 14 जनवरी के बाद होगा पूर्ण खाली
करीब एक महीने तक चले विरोध के बाद अब सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि 14 जनवरी के बाद परिवार पूरी तरह बंगला खाली कर देगा। देर रात सामान शिफ्ट होना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
🏗️ सरकार का पक्ष क्या है?
राज्य मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा था कि यह बंगला राबड़ी देवी को पूर्व में पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए आजीवन आवास की व्यवस्था के तहत दिया गया था।
वहीं, BJP ने सवाल उठाते हुए कहा था कि लालू परिवार सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने का आदी हो गया है।
🏠 तेज प्रताप यादव को भी बंगला खाली करने का आदेश
राबड़ी देवी के बाद तेज प्रताप यादव को भी झटका लगा है।
भवन निर्माण विभाग ने उन्हें 26 एम स्ट्रैंड रोड स्थित सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया है। यह आवास अब अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित किया गया है।
तेज प्रताप यादव हाल के महीनों में लगातार विवादों में रहे हैं, खासकर तब, जब एक निजी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके और RJD नेतृत्व के बीच तनाव सार्वजनिक हो गया।
🔍 सियासी संदेश और आगे की तस्वीर
राबड़ी देवी का बंगला छोड़ना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों और सख्ती के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
