PM Modi Christmas Service Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित द कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्प्शन में आयोजित क्रिसमस मॉर्निंग सर्विस में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए प्रेम, शांति और करुणा का संदेश दिया।
हालांकि, PM Modi Christmas Service Delhi की यह तस्वीर जहां एक ओर सौहार्द का प्रतीक बनी, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर ईसाई समुदाय पर कथित हमलों को लेकर सरकार को घेर लिया।
पीएम मोदी का संदेश: प्रेम और सौहार्द की भावना
क्रिसमस सेवा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“यह प्रार्थना सभा प्रेम, शांति और करुणा के शाश्वत संदेश को दर्शाती है। क्रिसमस की भावना हमारे समाज में सद्भाव और सदिच्छा को प्रेरित करे।”
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में पीएम मोदी लगातार ईसाई समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं।
जेपी नड्डा भी क्रिसमस समारोह में शामिल
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी दिल्ली के क्रिश्चियन हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित क्रिसमस समारोह में भाग लिया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“क्रिसमस मनाते हुए यीशु मसीह की शिक्षाओं को स्मरण करना प्रेरणादायक है। यह एक आत्मीय और उल्लासपूर्ण अनुभव रहा।”
ईसाई समुदाय से लगातार संवाद का दावा
अधिकारियों ने बताया कि—
- ईस्टर 2023: पीएम मोदी ने सैक्रेड हार्ट कैथेड्रल, दिल्ली में कार्यक्रम में भाग लिया
- क्रिसमस 2023: 7, लोक कल्याण मार्ग पर क्रिसमस आयोजन की मेजबानी
- 2024: मंत्री जॉर्ज कुरियन के आवास और CBCI द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपस्थिति
सरकार का कहना है कि ये कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों से संवाद का संकेत हैं।
विपक्ष का हमला: अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
इस बीच विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने जबलपुर में एक दृष्टिबाधित महिला से मारपीट की घटना का हवाला देते हुए कहा—
“क्रिसमस के समय इस तरह की घटनाओं पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की चुप्पी चिंताजनक है।”
उन्होंने पीएम के संदेश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ज़मीन पर हालात कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं।
एमके स्टालिन और वाम दलों की प्रतिक्रिया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी अल्पसंख्यकों पर कथित हमलों की निंदा करते हुए कहा—
“जब कुछ कट्टर समूह हिंसा करते हैं और उसी समय प्रधानमंत्री क्रिसमस समारोह में भाग लेते हैं, तो यह देश के लिए परेशान करने वाला संदेश देता है।”
वहीं सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में ईसाइयों पर हमलों में बढ़ोतरी हुई है और इस साल नवंबर तक लगभग 700 घटनाएं सामने आई हैं।
कैथोलिक बिशप सम्मेलन की अपील
कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) के अध्यक्ष आंद्रयूज थाझथ ने भी इन घटनाओं की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से अपील की—
“संविधान धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है। ईसाई समुदाय को भयमुक्त माहौल देने के लिए कानून का सख्ती से पालन होना चाहिए।”
क्यों अहम है PM Modi Christmas Service Delhi?
- धार्मिक सौहार्द का सार्वजनिक संदेश
- अल्पसंख्यक सुरक्षा पर बढ़ती सियासी बहस
- सरकार और विपक्ष के बीच वैचारिक टकराव
- संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता पर राष्ट्रीय विमर्श
क्रिसमस के मौके पर चर्च में प्रार्थना और उसके बाहर उठे राजनीतिक सवाल, दोनों मिलकर देश में सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक संवाद की जटिल तस्वीर पेश करते हैं।
