CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चल रही
डोर-टू-डोर मतदाता सत्यापन और गणना फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
हालांकि, इसके बावजूद अब भी बड़ी संख्या में मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो पाए हैं।
Bilaspur SIR voter verification के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिले में
3 लाख 63 हजार 547 मतदाताओं के गणना फॉर्म अब तक जमा नहीं हो सके हैं।
📊 SIR से पहले कितने थे मतदाता?
निर्वाचन विभाग के मुताबिक,
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले बिलासपुर जिले में कुल
16 लाख 75 हजार 770 मतदाता दर्ज थे।
👉 भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर
4 नवंबर से बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से
घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और फॉर्म भरने का काम शुरू किया गया था।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि आयोग द्वारा दो बार बढ़ाई गई,
लेकिन आखिरकार यह प्रक्रिया 18 दिसंबर को समाप्त कर दी गई।
✅ 13.12 लाख मतदाताओं ने जमा किए फॉर्म
निर्धारित अंतिम तिथि तक जिले में
13 लाख 12 हजार 223 मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए।
वहीं, जो 3.63 लाख मतदाता इस प्रक्रिया से बाहर रह गए,
उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- घर पर अनुपस्थित मतदाता
- मृत मतदाता
- स्थान परिवर्तन (शिफ्टिंग) कर चुके मतदाता
🏛️ विधानसभावार जमा हुए गणना फॉर्म
निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार,
विधानसभावार जमा फॉर्म की स्थिति इस प्रकार है:
- कोटा विधानसभा – 1,95,297 फॉर्म
- तखतपुर विधानसभा – 2,18,516 फॉर्म
- बिल्हा विधानसभा – 2,64,705 फॉर्म
- बिलासपुर विधानसभा – 1,68,006 फॉर्म
- बेलतरा विधानसभा – 1,98,380 फॉर्म
- मस्तूरी विधानसभा – 2,67,319 फॉर्म
इन आंकड़ों से साफ है कि
जिले में SIR प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं की भागीदारी रही।
🔍 अब क्या होगी आगे की कार्रवाई?
निर्वाचन विभाग के अधिकारियों के अनुसार,
जिन मतदाताओं के फॉर्म जमा नहीं हो पाए हैं,
उनकी स्थिति का पुनः सत्यापन किया जाएगा।
👉 जांच के बाद:
- अपात्र, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं
- वहीं, पात्र मतदाताओं को नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के तहत सूची में जोड़ा जाएगा
🧠 मानवीय पहलू: वोट का अधिकार और जिम्मेदारी
मतदाता सूची का शुद्धिकरण
सिर्फ एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं,
बल्कि लोकतंत्र की मजबूती का आधार है।
हर सही नाम सूची में होना
और हर गलत नाम हटना
निष्पक्ष चुनाव के लिए बेहद जरूरी है।
Bilaspur SIR voter verification इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बिलासपुर जिले में SIR प्रक्रिया के जरिए
मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने की कोशिश की गई है।
अब सबकी नजर
निर्वाचन विभाग की आगामी जांच और अंतिम मतदाता सूची पर टिकी है,
जो आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता तय करेगी।
