CBI की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते आर्मी अफसर गिरफ्तार, घर से 2 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद

CBI arrest army officer bribery case: देश की सुरक्षा से जुड़े विभाग में भ्रष्टाचार की खबर ने एक बार फिर लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
CBI arrest army officer bribery case में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी और एक निजी व्यक्ति को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।


👮‍♂️ कौन हैं गिरफ्तार आर्मी अफसर?

CBI ने जिन आर्मी अफसर को गिरफ्तार किया है, उनका नाम
लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा है।

👉 वे वर्तमान में
डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर, इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एक्सपोर्ट्स,
डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन,
रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार में तैनात थे।

इस मामले में एक निजी व्यक्ति विनोद कुमार को भी आरोपी बनाया गया है।


💰 छापे में क्या-क्या बरामद हुआ?

CBI द्वारा दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई।

🔹 दिल्ली स्थित Lt. Col. दीपक कुमार शर्मा के आवास से

  • 3 लाख रुपये की रिश्वत की रकम
  • 2 करोड़ 23 लाख रुपये से अधिक नकद

🔹 राजस्थान के श्रीगंगानगर में आरोपी विनोद कुमार के घर से

  • 10 लाख रुपये नकद
  • कई अहम दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री

बरामद की गई है।


🧩 रिश्वत का पूरा मामला क्या है?

CBI के अनुसार, यह केस विश्वसनीय स्रोत से मिली जानकारी के आधार पर दर्ज किया गया।

आरोप है कि Lt. Col. दीपक कुमार शर्मा:

  • रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी
    निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाते थे
  • इसके बदले उनसे नियमित रूप से रिश्वत लेते थे
  • यह सब एक आपराधिक साजिश के तहत किया जा रहा था

इस केस में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली,
जो कि 16 इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डिनेंस यूनिट, श्रीगंगानगर की कमांडिंग ऑफिसर हैं, का नाम भी जांच में सामने आया है।


🌍 दुबई की कंपनी और बेंगलुरु कनेक्शन

CBI का दावा है कि एक दुबई आधारित डिफेंस कंपनी इस पूरे नेटवर्क में शामिल थी।

🔸 कंपनी के भारत ऑपरेशंस
राजीव यादव और रवजीत सिंह संभाल रहे थे
🔸 दोनों बेंगलुरु में रहते हैं
🔸 वे लगातार Lt. Col. शर्मा के संपर्क में थे
🔸 सरकारी विभागों से अवैध तरीके से फायदे लेने की कोशिश कर रहे थे

CBI के मुताबिक,
18 दिसंबर को विनोद कुमार ने 3 लाख रुपये की रिश्वत Lt. Col. शर्मा को सौंपी थी।


⚖️ कोर्ट में पेशी, पुलिस कस्टडी

दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया,
जहां से उन्हें 23 तारीख तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

CBI अब:

  • पैसों के स्रोत
  • अन्य अफसरों की भूमिका
  • कंपनी नेटवर्क

की गहराई से जांच कर रही है।


🧠 इंसानी पहलू: वर्दी पर लगा दाग

सेना को देश की सबसे अनुशासित और ईमानदार संस्थाओं में गिना जाता है।
ऐसे में CBI arrest army officer bribery case जैसे मामले
ना सिर्फ कानून, बल्कि जनविश्वास पर भी सवाल खड़े करते हैं।

यह कार्रवाई एक साफ संदेश है कि

“कानून से ऊपर कोई नहीं।”


✅ निष्कर्ष

CBI की यह कार्रवाई

  • रक्षा सौदों में पारदर्शिता
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती
  • और जवाबदेही

की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

जांच जारी है और आने वाले दिनों में
इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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