मैनपुर |
Manpur Janpad Panchayat corruption: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर जनपद पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जनपद पंचायत मैनपुर और RES विभाग (ग्रामीण अभियंत्रिकी सेवा) के अधिकारियों पर निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के बदले भारी रिश्वत मांगने का आरोप लगा है।
इन्हीं आरोपों के विरोध में 70 वर्षीय बुजुर्ग रुदेश्वर साहू ने 10 नवंबर 2025 से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
रिश्वत नहीं तो मूल्यांकन नहीं: गंभीर आरोप
पीड़ित रुदेश्वर साहू के साथ-साथ तीव कुमार सोनी और सदेश सोनवानी ने आरोप लगाया है कि—
- जनपद पंचायत मैनपुर और RES विभाग के अधिकारी
- सरपंचों, सचिवों और ठेकेदारों से
- निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के लिए
- भारी-भरकम रिश्वत की मांग करते हैं
यदि रिश्वत नहीं दी जाती, तो ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों का मूल्यांकन रोक दिया जाता है और भुगतान अटका दिया जाता है।
कई ग्राम पंचायतों में हुए हैं निर्माण कार्य
पीड़ितों के अनुसार उन्होंने निम्न ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्य कराए हैं—
- ग्राम पंचायत मुडगेलमाल
- मुडागांव
- दबनई
- मुचबहाल
- खजूरपदर
- जांगड़ा
- ढोर्रा
- सरनाबहाल
- धनोरा
- गोढ़ीयारी
- फरसरा
इन सभी स्थानों पर कार्य पूर्ण होने के बावजूद, रिश्वत न देने के कारण अब तक मूल्यांकन नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक पत्राचार
इस मामले में शिकायतें उच्च स्तर तक की गई हैं—
🔹 मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन
प्रकरण क्रमांक:
- 2500725027199
- 2500725027200
- 2500725027201
🔹 कलेक्टर गरियाबंद
पत्र क्रमांक:
- 2454
- 5849
🔹 जिला सीईओ, जिला पंचायत गरियाबंद
पत्र क्रमांक:
- 7341
- 2170
- 2172
- 2174
🔹 एसडीएम कार्यालय
पत्र क्रमांक:
- 1627
- 6237
- 6238
- 6239
- 6240
इसके बावजूद, आरोप है कि मूल्यांकन जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री, कलेक्टर और जिला सीईओ को नहीं भेजी जा रही।
70 साल की उम्र में न्याय की लड़ाई
धरने पर बैठे रुदेश्वर साहू का कहना है—
“मेरे पास अब लड़ने का कोई साधन नहीं बचा है। जो काम गांव के विकास के लिए किया, उसी का भुगतान पाने के लिए मुझे सड़क पर बैठना पड़ रहा है।”
उनकी उम्र और संघर्ष ने इस आंदोलन को मानवीय और संवेदनशील मुद्दा बना दिया है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
अब तक—
- न जनपद पंचायत
- न RES विभाग
- और न ही जिला प्रशासन
की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और मांग की जा रही है कि—
- पूरे मामले की स्वतंत्र जांच हो
- दोषी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई हो
🔍 निष्कर्ष
Manpur Janpad Panchayat corruption मामला ग्रामीण विकास व्यवस्था में गहरी खामी की ओर इशारा करता है। एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का अनिश्चितकालीन धरना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या बिना रिश्वत दिए विकास कार्यों का भुगतान संभव नहीं है?
अब निगाहें शासन-प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करते हैं।
