केरल में दलित मजदूर की मॉब लिंचिंग से सियासी भूचाल, ‘बांग्लादेशी समझकर’ हत्या ने झकझोरा लोकतंत्र

Kerala mob lynching case ने राज्य की प्रगतिशील और मानवतावादी छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत्तीसगढ़ से रोज़गार की तलाश में केरल आए दलित प्रवासी मजदूर राम नारायण की पलक्कड़ के वालायर इलाके में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। भीड़ को शक था कि वह “बांग्लादेश से आया अपराधी” और चोर है।

बिना किसी सबूत, बिना कानून के सहारे, भीड़ ने खुद ही अदालत बनकर फैसला सुना दिया—और एक निर्दोष की जान ले ली।


🔥 शक के आधार पर भीड़ का ‘ट्रायल’

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राम नारायण को सार्वजनिक रूप से घेरकर पूछताछ की गई।
उसकी पहचान, भाषा और बाहरी राज्य से होने के आधार पर उसे “संदिग्ध” करार दे दिया गया।

कुछ ही देर में मामला हिंसा में बदल गया और भीड़ ने बेरहमी से उसकी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना केरल में बढ़ती ज़ेनोफोबिक (विदेशी-विरोधी) मानसिकता की ओर इशारा करती है।


🗣️ मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की कड़ी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इस घटना की तीखी निंदा की।
उन्होंने कहा:

“राम नारायण की हत्या प्रगतिशील केरल की पहचान के विपरीत है। ऐसे अपराधियों का लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने:

  • विशेष जांच दल (SIT) के गठन की घोषणा की
  • मृतक के परिवार को मुआवज़ा देने का ऐलान किया
  • शव को निःशुल्क छत्तीसगढ़ भेजने का भरोसा दिया

⚫ विपक्ष ने बताया केरल की विरासत पर धब्बा

नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने कहा कि यह घटना केरल की मानवतावादी परंपरा पर कलंक है।

“यह शर्मनाक है कि केरल में ऐसी मॉब लिंचिंग हुई,” उन्होंने कहा।


👪 परिवार से मिले मंत्री, मुआवज़े का आश्वासन

राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने राम नारायण के परिजनों से मुलाकात की।
उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी और शव को सम्मानपूर्वक उनके गांव तक पहुंचाया जाएगा।


🔴 RSS पर गंभीर आरोप

CPI(M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने इस हत्या के लिए RSS को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने दावा किया:

  • आरोपी RSS से जुड़े कार्यकर्ता हैं
  • पहले भी वे CPI(M) कार्यकर्ताओं पर हमले के मामलों में नामजद रह चुके हैं

गोविंदन ने कहा कि केरल में ध्रुवीकरण की राजनीति फैलाने की कोशिश की जा रही है।


🧨 ‘हेट पॉलिटिक्स’ का परिणाम: मंत्री एम.बी. राजेश

आबकारी मंत्री एम.बी. राजेश ने कहा कि यह घटना RSS की नफरत की राजनीति का नतीजा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को “दूसरा” साबित करने की कोशिश की जा रही है
  • बाहरी राज्यों से आए मजदूरों को “दुश्मन” की तरह पेश किया जा रहा है

🟡 UDF पर भी उठे सवाल

CPI के राज्य सचिव बिनोय विश्वम ने कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF पर निशाना साधते हुए कहा कि वह RSS को खुलकर दोषी ठहराने से बच रहा है।

“यह राजनीतिक अस्पष्टता खतरनाक है। नफरत की राजनीति पर चुप्पी भी अपराध है,” उन्होंने कहा।


🧠 लोकतंत्र के लिए चेतावनी

राम नारायण की मौत सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि:

  • कानून व्यवस्था की विफलता
  • भीड़तंत्र के बढ़ते खतरे
  • और प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा का प्रतीक बन गई है

यह घटना सवाल छोड़ जाती है—
क्या शक के आधार पर किसी की जान ली जा सकती है?

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