नई दिल्ली।
भारत का Indian semiconductor sector इस समय एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। वर्षों तक आयात पर निर्भर रहने वाला यह सेक्टर अब धीरे-धीरे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन हब के रूप में उभर रहा है। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है सरकार की सक्रिय नीतियां और टेलीकॉम, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेज़ होती डिजिटल अपनावट।
IMARC Group के मुताबिक, भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2024 में 53.2 अरब डॉलर का है, जो 2033 तक बढ़कर 161 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान सेक्टर में 12.45% की CAGR से ग्रोथ का अनुमान है।
🇮🇳 सरकारी नीतियों से मिली रफ्तार
भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं।
Semicon India Programme के तहत करीब ₹76,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, ताकि देश में एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार किया जा सके।
इसके साथ ही PLI Scheme (Production Linked Incentive) के जरिए फैब, OSAT और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन नीतियों ने घरेलू और विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
🏭 OSAT सेगमेंट में भारत की मजबूत एंट्री
सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly & Test) एक अहम कड़ी है।
2025 में—
- CG Power and Industrial Solutions
- Kaynes Technology
ने गुजरात में अपने OSAT प्लांट स्थापित किए हैं और पायलट प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय OSAT केंद्रों पर निर्भरता कम होने लगी है।
📊 2025 में सेमीकंडक्टर शेयरों का प्रदर्शन
2025 में सेमीकंडक्टर शेयरों का प्रदर्शन मिश्रित रहा है। जहां 3-साल की अवधि में शानदार रिटर्न दिखे, वहीं इस साल कुछ करेक्शन भी नजर आया।
- Kaynes Technology: 3 साल में +495%, लेकिन YTD में तेज गिरावट
- Bharat Electronics (BEL): YTD +34% और 3 साल में +300%
- CG Power और Dixon Technologies जैसे शेयरों में भी उतार-चढ़ाव रहा
यह संकेत देता है कि मल्टी-ईयर अपसाइकल के बाद सेक्टर फिलहाल कंसोलिडेशन फेज में है।
🔌 CG Power: पावर से चिप्स तक का सफर
CG Power, जो अब तक ट्रांसफॉर्मर, मोटर और रेलवे सिस्टम के लिए जानी जाती थी, अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।
कंपनी का ₹7,600 करोड़ का Sanand OSAT प्लांट, Renesas और Stars Microelectronics के साथ मिलकर लगाया गया है, जहां अगस्त 2025 से पायलट प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।
🛡️ Bharat Electronics: डिफेंस सेमीकंडक्टर का मजबूत चेहरा
Bharat Electronics Limited (BEL) देश की प्रमुख डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है।
₹74,453 करोड़ के मजबूत ऑर्डर बुक के साथ BEL ने खुद को सेमीकंडक्टर-इंटेंसिव डिफेंस प्रॉक्सी के रूप में स्थापित किया है।
BEL ने Tata Electronics के साथ MoU साइन किया है, जिसके तहत फैब्रिकेशन, OSAT और डिजाइन सेवाओं में सहयोग होगा। इससे भारत में MCU, SoC और प्रोसेसर जैसी एडवांस्ड चिप्स का स्वदेशी विकास संभव होगा।
📱 Dixon Technologies: डिस्प्ले और चिप्स पर बड़ा दांव
Dixon Technologies भारत की सबसे बड़ी EMS कंपनियों में से एक है।
कंपनी—
- नोएडा में $3 बिलियन का डिस्प्ले फैब प्लांट
- चेन्नई के पास ₹1,000 करोड़ की नई यूनिट
लगाने की योजना पर काम कर रही है। यह निवेश India Semiconductor Mission से मिलने वाले प्रोत्साहन से संभव होगा।
🚀 सेमीकंडक्टर सेक्टर के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर्स
Indian semiconductor sector की तेज़ ग्रोथ के पीछे कई बड़े कारण हैं—
- सरकार की मजबूत नीति और वित्तीय प्रोत्साहन
- OSAT और पैकेजिंग में घरेलू क्षमता का विस्तार
- EV, 5G, AI और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से बढ़ती मांग
- ग्लोबल सप्लाई चेन में “China+1” रणनीति
- Tata, HCL-Foxconn और Intel जैसे वैश्विक गठजोड़
🔮 2026 में निवेशकों की नजर इस सेक्टर पर
Tata Electronics द्वारा गुजरात और असम में फैब प्लांट,
HCL-Foxconn का यूपी में ₹3,706 करोड़ का पैकेजिंग यूनिट
और Intel के साथ संभावित साझेदारी—
ये सभी संकेत देते हैं कि 2026 में सेमीकंडक्टर सेक्टर निवेशकों के लिए सबसे अहम सेक्टरों में शामिल रहेगा।
