छात्र आंदोलन के नेता शरीफ उस्मान हादी के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, पूरे देश में शोक

Bangladesh National Mourning के बीच बांग्लादेश ने 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी को अंतिम विदाई दी। ढाका स्थित संसद भवन के आसपास शनिवार को हजारों नहीं, बल्कि दसियों हजार लोग उमड़ पड़े। माहौल गमगीन था, आंखें नम थीं और हर चेहरा एक ही सवाल पूछ रहा था—क्या यह बलिदान व्यर्थ जाएगा?


⚰️ ढाका यूनिवर्सिटी में हुआ अंतिम संस्कार

32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी को ढाका विश्वविद्यालय की केंद्रीय मस्जिद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उन्हें देश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम के समीप दफनाया गया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक प्रतीक माना जा रहा है।


🗣️ “आप हमेशा बांग्लादेश के दिल में रहेंगे” – मोहम्मद यूनुस

अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने भावुक भाषण में कहा—

“आप हमारे दिलों में हैं और जब तक बांग्लादेश रहेगा, आप हर बांग्लादेशी के दिल में जीवित रहेंगे।”

इस मौके पर ढाका यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारी, Inqilab Moncho आंदोलन के नेता और नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख भी मौजूद रहे।


🚔 सुरक्षा के कड़े इंतजाम, झुके राष्ट्रीय झंडे

Bangladesh National Mourning के तहत—

  • सभी सरकारी और निजी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहा
  • पुलिस और सुरक्षा बल बॉडी कैमरों के साथ तैनात रहे
  • ढाका में ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए

हालांकि शनिवार तक हालात काफी हद तक शांत हो चुके थे।


🔥 हिंसा की परछाईं अब भी कायम

इसके बावजूद, मीडिया में हिंसा की नई-नई घटनाएं सामने आती रहीं।

  • मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की लिंचिंग के मामले में 7 गिरफ्तारियां
  • चटगांव में वरिष्ठ नेता अनीसुल इस्लाम महमूद का घर जलाया गया
  • बांग्लादेश शिल्पकला अकादमी ने सुरक्षा कारणों से सभी कार्यक्रम स्थगित किए

📰 मीडिया संस्थानों पर भी हमले

देश के प्रमुख अखबार Prothom Alo और The Daily Star के दफ्तरों पर भीड़ ने हमला किया। कई पत्रकार घंटों तक छत पर फंसे रहे। दोनों संस्थानों ने स्पष्ट किया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टिंग जारी रखेंगे


🔫 कैसे हुई शरीफ उस्मान हादी की हत्या?

  • 12 दिसंबर को बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारी
  • ढाका मेडिकल कॉलेज से सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल रेफर
  • ब्रेन स्टेम डैमेज के बाद गुरुवार को निधन

हादी Inqilab Moncho के प्रवक्ता थे और 2026 के चुनाव में ढाका-8 सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।


🇮🇳 भारत को लेकर बढ़ा आक्रोश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, हत्यारा भारत भागने की आशंका है।
इसी के साथ—

  • पूर्व पीएम शेख हसीना को भारत में शरण
  • प्रत्यर्पण की मांग
    ने भारत विरोधी भावना को और तेज कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने—

  • अवामी लीग के दफ्तर तोड़े
  • शेख मुजीबुर रहमान का घर जलाया
  • भारतीय सहायक उच्चायोग पर हमला किया

⚖️ इंसाफ की मांग पर अड़े परिवार

छात्र आंदोलन में मारे गए युवाओं के परिजन अब भी न्याय की आस लगाए बैठे हैं। एक मां ने कहा—

“जब तक शेख हसीना को वापस लाकर फांसी नहीं दी जाती, मुझे चैन नहीं मिलेगा।”

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आंदोलन के दौरान 1400 से अधिक लोग मारे गए थे।


Bangladesh National Mourning केवल एक नेता की मौत का शोक नहीं है, बल्कि यह उस पीड़ा, गुस्से और संघर्ष की कहानी है, जो वर्षों से बांग्लादेश की सड़कों पर उबल रही है। अब सवाल यही है—क्या इस बार न्याय होगा, या यह शोक भी इतिहास के पन्नों में दब जाएगा?