रायपुर, 10 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राइस मिलिंग घोटाले में आर्थिक अन्वेषण प्रकोष्ठ (EOW) ने मंगलवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने व्यवसायी अनवर ढेबर के सहयोगी माने जाने वाले दीपेन चौड़ा के खिलाफ Rice milling case supplementary chargesheet विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में दायर की।
EOW के अनुसार, चौड़ा ने सरकारी कर्मचारियों से लगभग ₹20 करोड़ की अवैध वसूली की थी। पिछले महीने गिरफ्तार किए गए चौड़ा को एजेंसी इस पूरे घोटाले का एक अहम कड़ी मानती है।
💰 ₹175 करोड़ के घोटाले में अब तक पाँच गिरफ्तारियाँ
Rice milling case supplementary chargesheet: राइस मिलिंग केस में अब तक EOW पाँच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला पिछले साल ईडी (ED) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुआ था, जिसमें अवैध वसूली और धन शोधन के बड़े संकेत मिले थे।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह घोटाला 2021–22 खरीफ विपणन सीजन से जुड़ा है, जब छत्तीसगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी।
🏛️ पहले भी चार्जशीट, अब नए खुलासे
Rice milling case supplementary chargesheet: EOW ने फरवरी में पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें शामिल थे—
- मनोज सोनी, पूर्व प्रबंध संचालक, CG-Markfed
- रोशन चंद्राकर, कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन
इसके बाद अक्टूबर में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें—
- व्यवसायी अनवर ढेबर
- सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अनील तुतेजा
पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
नवीन चार्जशीट में अब दीपेन चौड़ा की भूमिका को विस्तार से बताया गया है, जिसमें वसूली के तरीकों से लेकर पैसों के उपयोग तक कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
📌 कैसे हुआ घोटाला? जांच एजेंसियों का दावा
जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार—
- राइस मिलर्स को विशेष प्रोत्साहन के रूप में ₹40 प्रति क्विंटल की राशि मिलती थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹120 प्रति क्विंटल किया गया।
- अधिकारियों और एसोसिएशन के कुछ पदाधिकारियों ने मिलकर मिलर्स से ₹20 प्रति क्विंटल अवैध रूप से वसूला।
- ईडी के मुताबिक, तुतेजा ने इस नेटवर्क को संचालित किया और ढेबर ने पैसों की वसूली व प्रबंधन में प्रमुख भूमिका निभाई।
स्थानीय राइस मिलरों ने कई बार बताया है कि प्रोत्साहन बिल रोककर उनसे अवैध धन वसूला जाता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा।
✍️ चौड़ा की भूमिका: “कड़ी से कड़ी जुड़ती गई”
Rice milling case supplementary chargesheet: EOW का दावा है कि दीपेन चौड़ा न केवल अवैध वसूली में शामिल था, बल्कि वह पैसे को आगे पहुँचाने और नेटवर्क चलाने में भी एक अहम सेतु का काम कर रहा था। जांचकर्ताओं के अनुसार, चौड़ा की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🧾 आगे की सुनवाई में तय होगा अगला कदम
Rice milling case supplementary chargesheet: अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट स्वीकार होने के बाद अब इस केस की अगली सुनवाई में तय होगा कि चौड़ा और अन्य आरोपियों पर आगे कौन-कौन सी धाराओं में प्रभावी आरोप तय किए जाएंगे।
राज्य की राजनीतिक हलचल और ईडी–EOW की समानांतर जांचों के कारण यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
