दुर्ग के राजेंद्र पार्क चौक का सौंदर्यीकरण अधूरा, सड़क पर पड़ा निर्माण मटेरियल बना परेशानी का कारण

Rajendra Park Chowk दुर्ग। शहर के व्यस्त राजेंद्र पार्क चौक का हाल के दिनों में सौंदर्यीकरण किया गया है। चौक पर चारों दिशाओं में यातायात को सुचारु करने के लिए नए डिवाइडर बनाए गए, जिससे क्षेत्र का स्वरूप बदला है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे थे कि यह चौक अब साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखेगा।

लेकिन सौंदर्यीकरण के बाद भी एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।

### 🚧 निर्माण मटेरियल सड़क पर ही पड़ा, आवाजाही पर असर

Rajendra Park Chowk: पार्क के ठीक सामने निर्माण कार्य में उपयोग किया गया मटेरियल सड़क किनारे छोड़ दिया गया है।
न सिर्फ छोड़ा गया—बल्कि कई दिन बीत जाने के बाद भी इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है—

“डिवाइडर बना दिया, लेकिन मटेरियल हटाया नहीं। इससे सड़क संकरी हो गई है और शाम के समय जाम भी लग रहा है।”

### ⚠ रोड संकरी होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ा

Rajendra Park Chowk: मटेरियल के कारण सड़क का हिस्सा घिर गया है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों को मुश्किल से निकलना पड़ रहा है।
अंधेरे में यह ढेर और भी खतरनाक हो जाता है।

राहगीरों ने बताया कि कई वाहन चालक अचानक सामने आए मलबे से बचते हुए फिसल चुके हैं।
यातायात पुलिस को भी इस अव्यवस्था से लगातार जूझना पड़ रहा है।

### 🛠 नगर निगम की लापरवाही पर सवाल

Rajendra Park Chowk: डिवाइडर निर्माण के बाद मटेरियल हटाना निगम की जिम्मेदारी थी, लेकिन
सौंदर्यीकरण अधूरा ही छोड़ दिया गया।

इलाके में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ने बताया—

“सड़क सुंदर हुई है, लेकिन यह मलबा हमारे लिए मुसीबत बन गया है। बच्चे और बुजुर्ग दोनों के लिए खतरा है।”

### 🌆 सौंदर्यीकरण से उम्मीदें, अव्यवस्था से निराशा

Rajendra Park Chowk: स्थानीय नागरिकों का मानना है कि राजेंद्र पार्क चौक शहर का प्रमुख जंक्शन है,
और यदि यहां अव्यवस्था बनी रही, तो पूरे क्षेत्र की छवि खराब होती रहेगी।

लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि—

  • निर्माण मटेरियल तुरंत हटाया जाए
  • सड़क को पूरी तरह साफ किया जाए
  • चौक की लाइटिंग बढ़ाई जाए
    ताकि दुर्घटना और जाम जैसे हालात न बनें।