रायपुर, 01 दिसंबर 2025। राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आज शाम प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक चुनौतियों और फील्ड स्तर पर आने वाली वास्तविक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस मुलाकात का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की वास्तविक प्रशासनिक ज़रूरतों और संवेदनशील क्षेत्रों के कार्य-प्रवाह की समझ प्रदान करना था।
कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का मार्गदर्शन
IPS probationers meet CM Vishnu Deo Sai: भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ऐसे इलाकों में कार्य करते समय अधिकारियों को अधिक सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के साथ काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा—
“कर्तव्यनिष्ठा और सजगता पुलिस सेवा का मूल आधार है। जनता से संवाद, त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण हर अधिकारी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।”
प्रशिक्षु अधिकारियों को दी प्रेरणा
IPS probationers meet CM Vishnu Deo Sai: मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें राज्य की कानून-व्यवस्था को और मज़बूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों की ऊर्जा, निष्ठा और आधुनिक दृष्टि राज्य के प्रशासनिक ढांचे में नई मजबूती जोड़ सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाई मुलाकात की अहमियत
IPS probationers meet CM Vishnu Deo Sai: इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों के अनुभव साझा करने और उनकी समझ बढ़ाने में योगदान दिया।
उपस्थित अधिकारियों में शामिल थे—
- आईजी श्री अजय यादव
- एसपी श्री अभिषेक पल्लव
- एएसपी श्री पंकज शुक्ला
साथ ही भेंट करने वाले प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी थे—
- श्री आदित्य कुमार
- श्रीमती अंशिका जैन
- श्री प्रतिक दादा साहेब
- श्रीमती मानषी
इन युवा अधिकारियों के उत्साह और जिज्ञासा ने चर्चा को और अधिक रचनात्मक बना दिया।
IPS probationers meet CM Vishnu Deo Sai—यह मुलाकात न केवल औपचारिक सौजन्य भेंट थी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सुरक्षा और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में एक प्रेरक संवाद भी साबित हुई।
मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया मार्गदर्शन प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए उनके करियर की शुरुआती यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
