दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित बाल सुधार गृह एक बार फिर सुरक्षा चूक की वजह से सुर्खियों में है। ताजा मामले में 7 नाबालिग बच्चों के फरार होने की खबर सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 3 अपचारियों के वापस लौट आने की पुष्टि की गई है। फिर भी यह घटना Durg juvenile home escape case को और गंभीर बनाती है।
लगातार बढ़ रही फरारी की घटनाएं, संख्या पहुंची 10
Durg juvenile home escape case: इसी बाल सुधार गृह से कुछ दिन पहले ही 3 नाबालिगों के फरार होने की रिपोर्ट आई थी। इससे पहले भी यह संस्थान विवादों में रहा है, जिसमें एक नाबालिग के साथ यौन शोषण का मामला सामने आ चुका है।
अब ताजा फरारी के बाद यहां से फरार होने वाले बच्चों की कुल संख्या 10 तक पहुंच गई है, जिससे संस्थान की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
कैसे भागे नाबालिग? जांच में जुटी पुलिस
Durg juvenile home escape case: रिपोर्ट के अनुसार, 7 नाबालिग देर रात मौका पाकर सुधार गृह की दीवार फांदकर फरार हुए थे। जैसे ही कर्मचारियों को सुबह मामले की जानकारी मिली, हड़कंप मच गया।
तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू कर दी गई। तीन नाबालिग बच्चों का वापस लौट आना पुलिस और सुधार गृह प्रशासन के लिए राहत की खबर है, लेकिन बाकी 4 की तलाश जारी है।
पहले भी लापरवाही के आरोप
इससे पहले भी सुधार गृह के कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। लगातार हो रही इन घटनाओं ने इस संस्था की सुरक्षा एवं निगरानी पर गहरी शंका खड़ी कर दी है।
Durg juvenile home escape case में सामने आती लगातार घटनाएं बाल सुधार गृह की व्यवस्था और प्रबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं।
सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन जरूरी
Durg juvenile home escape case: पुलिस और जिला प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
शहर के सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि बाल सुधार गृह में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
