किरण बेदी ने सरकारी दफ्तरों में एयर प्यूरीफायर लगाने पर रोक की मांग की, बोलीं– अधिकारी जब तक वही हवा नहीं साँसेंगे, समस्या नहीं समझेंगे

Kiran Bedi demand air purifier ban: पूर्व IPS अधिकारी किरन बेदी ने देश की बढ़ती वायु प्रदूषण समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को सरकारी दफ्तरों और सरकारी आवासों में एयर प्यूरीफायर लगाने पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि जब तक अधिकारी वही प्रदूषित हवा नहीं साँसेंगे, तब तक वे इस संकट की गंभीरता नहीं समझ पाएंगे।


🔻 “प्रदूषित हवा महसूस करेंगे तभी समाधान ढूँढेंगे” — बेदी

X पर पोस्ट करते हुए बेदी ने लिखा:
“सरकारी दफ्तरों और आवासों में सरकारी खर्च पर एयर प्यूरीफायर लगाने पर रोक क्यों न लगाई जाए?”

उन्होंने कहा कि जब अधिकारी शुद्ध हवा में बैठकर फैसले लेंगे तो उन्हें बाहर की स्थिति का आभास ही नहीं होगा, जिससे समस्या का समाधान भी धीमा रहेगा।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा:
“जब लोग खाँसी, जुकाम, सीने में दर्द और कमजोरी झेल रहे हैं, तब अधिकारी प्यूरीफायर वाली हवा में बैठकर असली हालात कैसे समझेंगे? सबको स्वच्छ हवा का अधिकार है।”


🔻 दिल्ली की हवा को बताया “जन-स्वास्थ्य आपातकाल”

Kiran Bedi demand air purifier ban: बेदी ने दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को Public-Health Emergency बताया और कहा कि प्रशासनिक मशीनरी “रिमोट कंट्रोल” से नहीं चल सकती।
“शासन को धूल में खड़ा होना चाहिए, वही हवा साँसनी चाहिए और तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”

उन्होंने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की अपील की थी।


🔻 दिल्ली में AQI ‘Poor’ से ‘Very Poor’ की ओर

Kiran Bedi demand air purifier ban: : CPCB के अनुसार, शनिवार शाम 5 बजे दिल्ली का AQI “Poor” श्रेणी में था। अगले कुछ दिनों तक हवा ‘बहुत खराब’ (Very Poor) रह सकती है।
स्काइमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, हवा की गति थोड़ी अधिक रहने से AQI फिलहाल “Severe” श्रेणी में जाने की आशंका कम है।

IMD का पूर्वानुमान:

  • रविवार को हल्का कोहरा
  • अधिकतम तापमान: 24°C
  • न्यूनतम तापमान: 9°C

🔻 मुंबई में भी बढ़ता प्रदूषण, हाई कोर्ट सख्त

Kiran Bedi demand air purifier ban: उधर मुंबई में एयर क्वालिटी लगातार बिगड़ रही है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि शहर के प्रदूषण को नियंत्रित करने में समय लगेगा, लेकिन निर्माण गतिविधियों से हो रहे प्रदूषण को मौजूद नियमों का सख्ती से पालन कर कम किया जा सकता है।

अदालत ने एक स्वतंत्र 5 सदस्यीय समिति बनाई है, जिसमें BMC, MPCB और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हैं। यह समिति निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेगी कि धूल नियंत्रण के उपाय सही तरीके से लागू हो रहे हों।

अदालत ने BMC और MPCB को 15 दिसंबर तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

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