वॉशिंगटन डीसी के पास हुई नेशनल गार्ड शूटिंग के बाद Trump halts asylum and Afghan visa फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक और मानवीय बहस को तेज कर दिया है। इस घटना में 20 वर्षीय स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रोम की मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय स्टाफ सार्जेंट एंड्रू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के सदस्य थे।
घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को “आतंकी हमला” करार देते हुए कहा कि अफगान मूल के लोगों को देश में प्रवेश देने के लिए पिछला प्रशासन जिम्मेदार है। इसी बीच, आरोपी रहमानुल्लाह लाकनवाल, जिसने अफगानिस्तान युद्ध के दौरान CIA के साथ काम किया था, पर हत्या की कोशिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
🔴 ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम: शरण आवेदन पूरी तरह रुके
Trump halts asylum and Afghan visa: USCIS निदेशक जोसेफ ऐडलो ने कहा है कि सभी asylum decisions को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि “अधिकतम स्तर पर सुरक्षा जांच सुनिश्चित किए बिना” कोई भी नया निर्णय नहीं लिया जाएगा।
हालांकि प्रवासन विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी सिस्टम पहले से ही कठोर जांच प्रक्रिया अपनाता है और यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया प्रतीत होता है।
🔴 अफगान पासपोर्ट वालों के वीज़ा भी रुके
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी घोषणा की कि “अफगान पासपोर्ट रखने वाले सभी व्यक्तियों के वीज़ा जारी करना फिलहाल रोक दिया गया है।”
यह फैसला हजारों अफगान नागरिकों को प्रभावित करेगा, जिनमें वे भी शामिल हैं जो अमेरिकी सेना की सहायता के बाद वर्षों से सुरक्षित आवास की उम्मीद कर रहे हैं।
🧭 लाकनवाल का अतीत और समुदाय की चिंता
29 वर्षीय रहमानुल्लाह लाकनवाल वाशिंगटन राज्य के बेलिंगहैम में रहता था और हाल ही में उसे शरण मिल चुकी थी। अफगान समुदाय और सैन्य दिग्गजों का कहना है कि एक व्यक्ति की हिंसा को पूरे समुदाय के खिलाफ उपयोग करना अन्यायपूर्ण है।
#AfghanEvac समूह के प्रमुख शॉन वैनडाइवर ने कहा:
“सरकार अपनी खुफिया विफलताओं को छिपाने के लिए एक पूरे समुदाय को सज़ा दे रही है।”
🔎 क्या यह नीति पहले से तैयार थी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महीनों से बन रही सख्त प्रवासन नीतियों का हिस्सा है।
ट्रंप प्रशासन पहले भी निम्न-आय वाले देशों से प्रवास रोकने और पहले से मौजूद वैध प्रवासियों की पुनर्समीक्षा की बात कर चुका है।
💬 मानवीय असर और भविष्य की चिंता
अफगान दुभाषियों और अमेरिकी सेना का वर्षों तक साथ देने वाले हजारों अफगानों की सुरक्षा अब अनिश्चित हो गई है।
अमेरिका में बसे कई अफगान परिवारों का कहना है कि यह फैसला उन्हें फिर से असुरक्षा की स्थिति में धकेल सकता है।
मानवीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के विरुद्ध है, बल्कि उन लोगों के लिए भी खतरा है जिन्होंने अमेरिका के लिए बलिदान दिया है।
