रायपुर। Bhilai Municipal Corporation export tax बकाया वसूली को लेकर भिलाई नगर निगम (BMC) ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से निगम ने उन 193 उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने लंबे समय से अनिवार्य निर्यात कर (Niryat Kar / Toll on Export) जमा नहीं किया है।
₹42 करोड़ का बकाया, 527 उद्योगों पर कर लागू
भिलाई निगम सीमा में कुल 527 उद्योग निर्यात कर के दायरे में आते हैं। इनमें से 193 उद्योगों ने कर का भुगतान नहीं किया, जिस कारण निगम को लगभग ₹42 करोड़ का बकाया वसूलना है।
अधिकारियों ने बताया कि:
- 131 उद्योगों को धारा 173 के तहत नोटिस
- 62 उद्योगों को धारा 174 के तहत नोटिस
जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
बाकी उद्योगों पर भी होगी कार्रवाई
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया वाले अन्य उद्योगों को भी जल्द नोटिस भेजे जाएंगे।
नियत समय सीमा में कर जमा न करने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समय पर कर चुकाने वाले उद्योगों की सराहना
निगम ने उन उद्योगों को भी सराहा है जो हर वर्ष नियमित रूप से निर्यात कर जमा कर राजस्व में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में 14 मुख्य उद्योग लगभग ₹3.49 करोड़ सालाना जमा करते हैं। इनमें शामिल हैं—
- भिलाई स्टील प्लांट (BSP)
- सिंप्लेक्स इंडस्ट्रीज
- सिस्कोल इंडस्ट्रीज
- अतुल ऑक्सीजन इंडस्ट्रीज
- विश्व विशाल इंडस्ट्रीज
इन उद्योगों ने निगम की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निगम की चेतावनी: तुरंत जमा करें बकाया
भिलाई नगर निगम ने सभी डिफॉल्टर उद्योगों से अपील की है कि वे अपना बकाया निर्यात कर तुरंत निगम कोष में जमा करें, ताकि कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त पेनल्टी से बचा जा सके।
निगम ने कहा कि उद्योगों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने वैधानिक वित्तीय दायित्वों का ईमानदारी से पालन करें।
