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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में उप राष्ट्रपति ने 37 विभूतियों और 4 संस्थाओं को किया सम्मानित, राज्य अलंकरण समारोह में झलकी गौरव और परंपरा की छटा

रायपुर, 06 नवंबर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 अलंकरण समारोह में गौरव और सम्मान की नई कहानी लिखी गई। देश के उप राष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 37 विभूतियों और 4 संस्थाओं को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया।

इस भव्य समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

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🌟 सम्मानित विभूतियों में विविधता और समर्पण की झलक

इस वर्ष के राज्य अलंकरण में समाजसेवा, साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, कला, संस्कृति, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया।

शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार कांकेर के श्री हिरेश सिन्हा को मिला, जबकि मिनीमाता सम्मान दुर्ग की श्रीमती ललेश्वरी साहू को प्रदान किया गया।
गुण्डाधूर सम्मान राजनांदगांव की सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव, और हबीब तनवीर सम्मान रायपुर के डॉ. कुंज बिहारी शर्मा को दिया गया।
गुरुघासीदास सम्मान संयुक्त रूप से श्री भुवनदास जांगड़े (बेमेतरा) और श्री शशि गायकवाड़ (बलौदाबाजार) को प्रदान किया गया।

✍️ साहित्य और पत्रकारिता क्षेत्र में विशिष्ट सम्मान

साहित्य के क्षेत्र में लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार बिलासपुर के डॉ. विनोद कुमार वर्मा को मिला।
पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार और मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार क्रमशः डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. सोमेश पटेल, श्री अभिषेक शुक्ला और सुश्री भावना पांडेय को प्रदान किए गए।

💪 किसान और समाजसेवक भी हुए सम्मानित

कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार धमतरी के श्री थनेन्द्र कुमार साहू और बलौदाबाजार के श्री वामन कुमार टिकरिहा को संयुक्त रूप से दिया गया।
दानवीर भामाशाह सम्मान राजनांदगांव के श्री नीरज कुमार बाजपेयी को, जबकि धन्वंतरि सम्मान डॉ. अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ को प्रदान किया गया।

🌈 परंपरा और संस्कृति से ओतप्रोत आयोजन

कार्यक्रम के दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा, संगीत और संस्कृति की झलक देखने को मिली। समारोह का माहौल एकता, गर्व और सम्मान की भावना से भरा रहा।
उप राष्ट्रपति ने कहा — “छत्तीसगढ़ की धरती कर्म, संस्कृति और योगदान की भूमि है। यह सम्मान न केवल विभूतियों का गौरव है, बल्कि राज्य की आत्मा का उत्सव भी है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि, “यह अलंकरण छत्तीसगढ़ के हर उस व्यक्ति को समर्पित है जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल पेश कर रहा है।”

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राज्य अलंकरण समारोह ने एक बार फिर यह साबित किया कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल विकास से नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, समर्पण और कर्मशीलता से भी है।