छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की ओर बढ़ रहा है: वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा – बस्तर अब विकास की नई उड़ान भर रहा है

Chhattisgarh moving towards liberation from Naxalism: छत्तीसगढ़ के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मंगलवार को कहा कि राज्य अब नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके अंत के बाद बस्तर और पूरा छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

इस वर्ष छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस रजत जयंती समारोह में शामिल हो सकते हैं। इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने बातचीत में कहा कि बीते 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण इस सोच के साथ किया था कि यहां के वनवासियों और पिछड़े इलाकों का विकास हो सके। आज वही सपना साकार हो रहा है।”

कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने नक्सल प्रभावित छवि को पीछे छोड़ दिया है। अब “Chhattisgarh moving towards liberation from Naxalism” का उदाहरण बन रहा है।


🌳 छत्तीसगढ़ की हरियाली और पर्यावरण

कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऑक्सीजन जोन है। यहां लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा, “हम न केवल खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं बल्कि उसके साथ-साथ वृक्षारोपण पर भी ज़ोर दे रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि हर क्षेत्र हरा-भरा रहे।”

उन्होंने बताया कि सरकार लगातार वन क्षेत्र के संरक्षण और विस्तार पर काम कर रही है ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।


🛣️ बस्तर में विकास की नई सुबह

कश्यप ने कहा कि बस्तर अब नक्सलमुक्त विकास की राह पर है। जिन इलाकों में कभी सड़कें नहीं थीं, वहां अब पक्की सड़कें और पुल बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि जगदलपुर और कांकेर में मेडिकल कॉलेज खुल चुके हैं और आने वाले समय में और भी कॉलेज खुलेंगे।

उन्होंने कहा, “पहले नक्सलवाद के कारण स्कूल बनाना मुश्किल था। हमारे जवान सड़कों पर काम करते हुए शहीद हो जाते थे। लेकिन आज वही सड़कें प्रगति का प्रतीक हैं।”