सौम्या चौरेसिया पर 46.96 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप

रायपुर, 15 अक्टूबर 2025:
छत्तीसगढ़ की पूर्व डिप्टी सचिव सौम्या चौरेसिया के खिलाफ बड़ा मामला सामने आया है। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को उनके खिलाफ Saumya Chaurasia disproportionate assets case में चार्जशीट दाखिल की है।

एजेंसी के अनुसार, सौम्या चौरेसिया के पास उनकी ज्ञात आय से 1872% अधिक संपत्ति, यानी करीब 46.96 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति पाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक किसी भी सरकारी अधिकारी के खिलाफ दर्ज की गई सबसे बड़ी अवैध संपत्ति का मामला है।

⚖️ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

EOW के अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया कि सौम्या चौरेसिया ने विभिन्न माध्यमों से बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती।
अधिकारियों का कहना है, “यह अब तक की सबसे बड़ी ‘disproportionate assets’ कार्रवाई है, जो किसी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ हुई है।”

🕵️‍♀️ ईडी ने 2022 में किया था गिरफ्तार

सौम्या चौरेसिया वर्ष 2022 में तब सुर्खियों में आईं जब उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 540 करोड़ रुपये के कोयला परिवहन शुल्क घोटाले (coal levy case) में गिरफ्तार किया था।
वह उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत थीं। ईडी ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट से मिली थी जमानत

लगभग डेढ़ साल जेल में रहने के बाद, उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने मई 2025 में जमानत दी थी। तब से वे न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर रही थीं।
हालांकि, अब ACB-EOW द्वारा दाखिल की गई नई चार्जशीट ने उनकी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी हैं।

🗣️ क्या बोले अधिकारी

एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में सौम्या चौरेसिया की संपत्तियों का मूल्यांकन विभिन्न जिलों में किया गया। इनमें जमीन, भवन, बैंक बैलेंस और निवेश शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “यह मामला छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों का बड़ा उदाहरण है। ऐसी संपत्तियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।”

🔍 आगे की प्रक्रिया

चार्जशीट अब अदालत में पेश की जा चुकी है। अदालत के निर्देश पर आगे की सुनवाई तय की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि वह इस मामले में पारदर्शी जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।