पोखरा, 10 सितंबर 2025। नेपाल में जारी जनरेशन-ज़ेड आंदोलन तेज़ी से हिंसक रूप ले चुका है। जगह-जगह वाहनों, होटलों और इमारतों में आगज़नी की घटनाएँ सामने आ रही हैं। इस बीच बड़ी संख्या में यात्री और कामकाजी लोग फंस गए हैं। इन्हीं में से एक भारतीय महिला उपासिता काले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारतीय दूतावास और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
आंसुओं से भरी आंखों और कांपती आवाज़ में उपासिता ने कहा—
“मैं भारतीय दूतावास से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि कृपया हमारी मदद कीजिए। मैं पोखरा में फंसी हुई हूं। मैं यहां वॉलीबॉल लीग होस्ट करने आई थी। लेकिन जिस होटल में मैं ठहरी थी, उसे प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। मेरा सारा सामान वहीं था। मैं जब स्पा में थी, तो बाहर निकली और लोगों ने मुझे डंडों और बल्लों से दौड़ाया। किसी तरह जान बचाकर भागी हूं।”
उन्होंने आगे कहा—
“हालत बेहद खराब है। सड़कों पर हर जगह आग लगी हुई है। प्रदर्शनकारियों को इस बात की भी परवाह नहीं कि यहां पर्यटक फंसे हुए हैं या कोई काम के लिए आया है। वे अंधाधुंध आगज़नी और हमला कर रहे हैं। हम फिलहाल दूसरे होटल में छुपे हुए हैं, लेकिन हमें नहीं पता कब तक सुरक्षित रह पाएंगे।”
वीडियो के दूसरे हिस्से में एक इमारत जलती हुई दिखाई देती है और पृष्ठभूमि में एक महिला कहती है कि “अंदर बहुत लोग फंसे हुए हैं और धमाका भी हुआ है।” वहीं, स्क्रीन पर एक टेक्स्ट उभरता है—
“भारत सरकार, कृपया हम सभी को यहां से बाहर निकालिए। नेपाल की स्थिति बहुत भयानक है।”
🇮🇳 MEA का परामर्श
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नेपाल में जारी अशांति के बीच भारतीय नागरिकों को यात्रा से बचने की सलाह दी है। मंत्रालय ने कहा है कि जो भारतीय पहले से नेपाल में मौजूद हैं वे जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहें और सड़कों पर जाने से परहेज करें।
साथ ही आपातकालीन संपर्क नंबर भी साझा किए गए हैं:
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