दुर्ग, 30 अगस्त 2025।
उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक, दुर्ग में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए तीन सप्ताह का परिचयात्मक कार्यक्रम शनिवार को गरिमामयी माहौल में शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ छ.ग. स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. अरोरा ने छात्रों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन देते हुए कहा कि प्रथम सेमेस्टर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं, जिससे विद्यार्थी भारतीय संस्कृति को गहराई से समझ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का है, इसलिए छात्रों को खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना होगा।
कुलपति ने सुझाव दिया कि उद्योग जगत के विशेषज्ञों को बुलाकर सेमिनार आयोजित किए जाएं, जिसमें विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर समाधान खोजने का अवसर दिया जाए। साथ ही उन्होंने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम पर भी जोर दिया ताकि शिक्षकों को भी नवीनतम तकनीक और उद्योग की जरूरतों से परिचित कराया जा सके।
कार्यक्रम में प्राचार्य श्री प्रकाश कुमार पांडेय ने छात्रों को भविष्य के लिए तीन रास्ते सुझाए—उच्च शिक्षा, रोजगार और स्वयं का व्यवसाय। उन्होंने कहा कि यद्यपि उद्यमिता का मार्ग कठिन है, लेकिन यह दूसरों को भी रोजगार देने का अवसर प्रदान करता है।
प्रथम सेमेस्टर की प्रभारी डॉ. रचना सिंह ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से संस्थान की विस्तृत जानकारी साझा की। आयोजन समिति में डॉ. राखी जंघेल, वर्षा वर्मा, डॉ. अर्चना साहू और कु. टिकेश्वरी साहू सहित कई व्याख्याताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में एनएसएस प्रभारी प्रदीप राजपूत और एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट मनोज चंद्राकर का भी विशेष योगदान रहा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती सीमा दिल्लीवार ने किया।
