कांकेर का धारपारूम बना नया आकर्षण, झरनों-गुफाओं और घाटियों से सैलानियों को लुभा रहा है पर्यटन स्थल

रायपुर, 28 अगस्त 2025।
कांकेर जिला, जो पहले से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, अब एक नए पर्यटन स्थल धारपारूम के कारण चर्चा में है। पहाड़ों से घिरा यह इलाका अपनी हरी-भरी घाटियों, झरनों, गुफाओं और शैलचित्रों की वजह से तेजी से सैलानियों की पसंदीदा जगह बनता जा रहा है।

जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर, ग्राम पंचायत पीढ़ापाल के पास स्थित धारपारूम फिलहाल ग्रामीणों के सामुदायिक प्रबंधन के जरिए संचालित हो रहा है। गांव के लोग मिलकर यहाँ आने वाले पर्यटकों का स्वागत और स्थल की देखरेख करते हैं। यही वजह है कि यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं।

हाल ही में जब कुछ मीडिया प्रतिनिधियों ने इस जगह के मनोहारी दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए, तो इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई। पर्यटक कहते हैं कि धारपारूम को विकसित कर इसे केशकाल के टाटामारी से भी बड़ा हिल प्लेस बनाया जा सकता है।

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कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी ने क्षेत्र का दौरा कर इसे नवीन पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर धारपारूम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पुरातात्विक महत्व के बारे में भी जानकारी ली।

झरनों की कल-कल ध्वनि, गुफाओं का रहस्य, घाटियों की शांति और शैलचित्रों का इतिहास—धारपारूम में हर सैलानी को कुछ अनोखा देखने और महसूस करने का अवसर मिलता है। प्रशासनिक सहयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से यह क्षेत्र आने वाले समय में न केवल कांकेर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्यटन आकर्षण बन सकता है।

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