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असम सरकार का बड़ा फैसला: आम वयस्कों को नहीं मिलेगा आधार कार्ड, केवल SC-ST और चाय बागान समुदाय को छूट

गुवाहाटी, 21 अगस्त 2025।
असम सरकार ने गुरुवार को एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य में वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है। अब यह सुविधा केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और चाय बागान समुदाय के लोगों को मिलेगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया।

राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम संदिग्ध और फर्जी आधार नामांकन को रोकने के लिए उठाया गया है। एक सरकारी बयान में कहा गया—
“18 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू होगी। केवल दुर्लभ मामलों में ही जिला उपायुक्तों को आधार जारी करने का अधिकार होगा।”

सरकार ने स्पष्ट किया है कि SC, ST और चाय बागान समुदाय के लिए यह प्रतिबंध एक साल तक लागू नहीं होगा और इस अवधि में छूटे हुए लोगों का नामांकन पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा—
“पिछले एक साल से हम लगातार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ रहे हैं। कल ही सात को वापस भेजा गया। हम नहीं कह सकते कि सभी को रोक पाए हैं। ऐसे में हमें यह कदम उठाना जरूरी लगा ताकि कोई घुसपैठिया आधार कार्ड के जरिए भारतीय नागरिक न बन सके।”

यह भी उल्लेखनीय है कि बीते साल सितंबर में सरमा ने खुलासा किया था कि बरपेटा, धुबरी, मोरीगांव और नगांव जिलों में आधार कार्डधारकों की संख्या अनुमानित जनसंख्या से अधिक पाई गई थी।

इसी बैठक में असम और नागालैंड सरकार ने संयुक्त रूप से उरियमघाट क्षेत्र में वृक्षारोपण करने का भी निर्णय लिया। हाल ही में यहां 12,000 बीघा भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“यह अभियान संयुक्त बेदखली ऑपरेशन कहलाएगा और दोनों सरकारें मिलकर इस भूमि पर हरियाली लौटाएंगी।”

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उरियमघाट इलाके पर नागालैंड के कुछ ग्रामीण इसे अपना “पैतृक भू-भाग” बताते रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों की साझी पहल भविष्य में टकराव को टालने की दिशा में बड़ा कदम है।