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माधुरी की घर वापसी का रास्ता साफ, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया बड़ा ऐलान

कोल्हापुर, 6 अगस्त 2025

34 वर्षों से कोल्हापुर जिले के नांदणी मठ की शोभा रही प्रसिद्ध हाथिनी “माधुरी” को वापस लाने का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वनतारा प्रबंधन के बीच सोमवार को हुई अहम बैठक के बाद यह बड़ा अपडेट सामने आया है।

हाल ही में माधुरी हाथिनी को दिल्ली स्थित वनतारा रेस्क्यू सेंटर ले जाने के बाद कोल्हापुर में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हो गया था। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, मोर्चा निकाला गया और राजनीतिक तथा सामाजिक संगठनों ने एक सुर में हाथिनी को वापस लाने की मांग की।

इस पृष्ठभूमि में, मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोमवार को मंत्रालय में वनतारा के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई, जिसमें हाथिनी की वापसी के लिए स्पष्ट रणनीति बनाई गई।


बैठक में क्या हुआ?

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर जानकारी दी कि महाराष्ट्र सरकार और वनतारा मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे ताकि माधुरी हाथिनी को सुरक्षित रूप से नांदणी मठ वापस लाया जा सके

बैठक में वनतारा के CEO ने बताया कि उन्होंने केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया है और हाथिनी को जबरन कब्जे में लेने की कोई मंशा नहीं थी।

इसके साथ ही वनतारा ने यह भी आश्वासन दिया कि अगर राज्य सरकार नांदणी मठ के समीप हाथियों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाना चाहती है तो वह उसमें हर संभव सहयोग करेगी। वनतारा ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए माधुरी की वापसी में सहयोग की भावना दिखाई है।


राज्य सरकार की भूमिका और आश्वासन

फडणवीस ने कहा कि नांदणी मठ और राज्य सरकार मिलकर सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करेंगे।

  • हाथिनी की देखभाल के लिए डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम गठित की जाएगी।
  • रेस्क्यू सेंटर, आहार व्यवस्था, चिकित्सकीय निगरानी समेत सभी पहलुओं की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी।
  • राज्य सरकार हाथिनी की निगा और पुनर्वास के लिए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “माधुरी हाथिनी की वापसी हमारी सामूहिक इच्छा है और इसके लिए राज्य सरकार पूरी ताकत से नांदणी मठ के साथ है।”


पृष्ठभूमि और भावनात्मक जुड़ाव

माधुरी पिछले 34 वर्षों से नांदणी मठ में रह रही थी और स्थानीय लोगों के बीच वह धार्मिक व सांस्कृतिक प्रतीक बन चुकी है। उसकी अचानक विदाई ने लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया और व्यापक जनआंदोलन खड़ा हो गया।

अब जब सरकार और वनतारा दोनों मिलकर सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेने जा रहे हैं, तो यह तय माना जा रहा है कि जल्द ही माधुरी की घर वापसी हो सकती है।