दुर्ग (छत्तीसगढ़), 4 अगस्त 2025 – ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा संचालित आनंद सरोवर (बघेरा, दुर्ग) स्थित कमला दीदी सभागार में रक्षाबंधन एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर आधारित एक भव्य आध्यात्मिक-सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एस.एस.पी. दुर्ग विजय अग्रवाल, ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी, ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा दीदी, और नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
🌸 रक्षाबंधन का आध्यात्मिक स्वरूप: प्योरिटी और प्रोटेक्शन
कार्यक्रम का आरंभ ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि – “रक्षाबंधन केवल राखी बाँधने और मिठाई खिलाने का पर्व नहीं है, यह ‘प्योरिटी’ (शुद्धता) और ‘प्रोटेक्शन’ (सुरक्षा) के गहरे आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है। जब बहन भाई को राखी बांधती है तो एक वचन लेती है कि भाई उसकी सुरक्षा करेगा, परंतु वास्तव में इस अवसर पर हम सभी को अपनी बुराइयों को छोड़कर अपने अंतर्मन की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।”
रीटा दीदी ने कहा कि नकारात्मक विचार, व्यर्थ सोच और नकारात्मक संस्कार केवल व्यक्ति के नहीं बल्कि रिश्तों, समाज और प्रकृति के लिए भी हानिकारक होते हैं। इसलिए परमात्मा शिव इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय के माध्यम से सभी आत्माओं को श्रेष्ठ संस्कारों की शिक्षा दे रहे हैं, ताकि एक श्रेष्ठ समाज की नींव रखी जा सके।
🛡️ सामाजिक सुरक्षा पर एसएसपी विजय अग्रवाल का प्रबोधन
मुख्य अतिथि एस.एस.पी. विजय अग्रवाल ने सामाजिक सुरक्षा के विषय में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि:
- आजकल अपराधों का स्वरूप बदल गया है। पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर फ्रॉड एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
- “साइबर फ्रॉड की कुंजी खुद हमारे मोबाइल और लैपटॉप में होती है”, यह कहते हुए उन्होंने उपस्थितजनों को सतर्क रहने की सलाह दी।
- साइबर अपराधी हमारी ऑनलाइन आदतों का विश्लेषण करके हमें गलती करने पर मजबूर करते हैं। जैसे – लॉगआउट न करना, अनजाने वाई-फाई से जुड़ना, बिना सुरक्षा उपायों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना।
उन्होंने यह भी कहा कि हर घर में अभिभावकों को अपने बच्चों के डिजिटल व्यवहार की निगरानी करनी चाहिए। कई बार माता-पिता बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग से पूरी तरह अनजान रहते हैं, जिसका दुष्परिणाम परिवारों के टूटने के रूप में सामने आता है।
🏠 परिवार की सुरक्षा में निवेश की आवश्यकता
एसएसपी अग्रवाल ने घरेलू सुरक्षा उपायों पर बल देते हुए कहा कि:
- जैसे हम भोजन, शिक्षा, पहनावे पर खर्च करते हैं, वैसे ही सुरक्षा पर भी थोड़ा निवेश जरूरी है।
- उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरा जैसे उपकरण सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा की दिशा में कारगर सिद्ध होते हैं।
- यदि लोगों को पता हो कि किसी घर में सीसीटीवी लगा है तो अपराधी उस घर को टारगेट करने से बचते हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी की मौजूदगी से चोरी की घटनाएं 50% तक घट सकती हैं।
💠 भावनात्मक समापन: रक्षा सूत्र और संकल्प
इस भव्य आयोजन का समापन रीटा दीदी द्वारा सभी अतिथियों को रक्षा सूत्र बांधने और मुख मीठा कराने की परंपरा के साथ हुआ। इस दौरान उन्होंने सभी को आग्रह किया कि इस पावन अवसर पर वे अपनी किसी एक बुराई को छोड़ने का संकल्प लें – यही असली रक्षाबंधन है।
कार्यक्रम का मंच संचालन ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा दीदी ने किया और समस्त आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा एवं सौहार्द का वातावरण बना रहा।
✨ निष्कर्ष
ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक त्योहार का उत्सव नहीं था, बल्कि समाज को सुरक्षा, आत्म-परिवर्तन और आत्म-जागरूकता का संदेश देने वाला एक सार्थक प्रयास था। आध्यात्मिकता और आधुनिक सामाजिक चिंताओं का यह संगम आज के युग में एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रस्तुत करता है।
